बिहार

पथ निर्माण मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उच्च पथ की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) मंत्री ईं कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उच्च पथ से संबंधित योजनाओं की प्रगति एवं सड़कों के मेनटेनेंस की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्नी राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं की प्रगति, सड़क सुरक्षा, ससमय सड़कों की मरम्मत एवं सड़कों के सौंदर्यीकरण सहित कई बिंदुओं पर समीक्षा की गई। उक्त बैठक में विभाग की विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी, MoRTH के क्षेत्रीय अधिकारी तथा अभियंतागण उपस्थित रहें।

बैठक के दौरान प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति एवं समीक्षा विवरण-

महनार से बछवाड़ा (पैकेज-2, 42.618 किमी) का कार्य 98% पूर्ण हो चुका है।
NH-322 पर जंदाहा बाईपास (4.80 किमी) का कार्य 51% भौतिक प्रगति पर है।
NH-333A के तहत कटोरिया, लखपुरा, बांका एवं पंजवारा बाईपास (कुल 14.359 किमी) का निर्माण कार्य 60% भौतिक रूप से पूर्ण हो चुका है।

भागलपुर-कहलगांव-मिर्जाचौकी खंड (NH-80, 47.815 किमी) का सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य अंतिम चरण में है (95.15% प्रगति)।NH-319A (0 से 45 किमी) का चौड़ीकरण कार्य 92% पूरा कर लिया गया है।

छपरा-मांझी 4-लेन बाईपास (7.155 किमी) का कार्य 90.70% पूरा हो गया है।
गया बाईपास (NH-120, 6.75 किमी) को 2-लेन से 4-लेन करने का कार्य 59% पूर्ण हो चुका है।
जयनगर बाईपास (NH-104) पर आरओबी निर्माण 83.5% पूर्ण हो गया है। मधेपुरा में NH-327A के सरायगढ़-लालगंज-गणपतगंज (10.672 किमी) का कार्य 99% संपन्न हो चुका है।

इसके आलावा विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4-लेन पुल की भी समीक्षा की गई। भागलपुर में गंगा नदी पर विद्यमान पुराने विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.455 किलोमीटर लंबे नए 4-लेन महासेतु का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। माननीय मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से भागलपुर और पूर्वी बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार और सीमांचल की कनेक्टिविटी और बेहतर होगा।

बैठक के दौरान मंत्री महोदय ने सड़कों के गड्ढों की स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सड़कों के गड्ढों के शीघ्र मरम्मत करने का निदेश दिया। इस संबंध में माननीय मंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कराएं और एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। मेंटेनेंस का कार्य तेजी से पूरा करने और मैनपावर बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। सभी संबंधित अधिकारियों एक सप्ताह के अंदर प्रगति रिपोर्ट और किए गए कार्यों की फोटोग्राफ जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

इस क्रम में मंत्री महोदय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन, वन विभाग की अनापत्ति और बिजली के पोल-तारों की शिफ्टिंग से जुड़ी बाधाओं को तेजी से दूर कर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें। सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते डिवाइडर को सही तरीके से लगाने के भी निदेश दिए गए। साथ ही, सड़कों के सौंदर्यीकरण हेतु बड़ी संख्या में पौधरोपण कराने की भी बात कही गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सड़कों पर कार्य जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए और इसके लिए मुख्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो।

Related posts

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी

साइबर अपराध पर मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय समीक्षा, 1930 पर शिकायत की अपील

पटेल नगर में अंडरग्राउंड नाले का निर्माण शुरू, वर्षों बाद जलजमाव से मिलेगी मुक्ति

error: