पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) सावन की पहली सोमवारी से पूर्वी चंपारण के रामजानकी नगर स्थित विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में स्थापित 33 इंच के लघु सहस्त्रलिंग (शिवलिंग) पर श्रद्धालुओं के लिए रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था शुरू की जाएगी। श्री महावीर स्थान न्यास समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि सावन के दौरान पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के साथ-साथ विराट रामायण मंदिर में भी श्रद्धालु विधिवत रुद्राभिषेक करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के अनुसार, रुद्राभिषेक का शुल्क 1,100 रुपये निर्धारित किया गया है। पूजा सामग्री श्रद्धालुओं को स्वयं लानी होगी।
रुद्राभिषेक संपन्न कराने के लिए अयोध्या से दो पुजारियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा शिव मंडप परिसर में नैवेद्य एवं फूल-माला काउंटर भी 3 अगस्त से शुरू हो जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके। विराट रामायण मंदिर में स्थापित 33 फीट ऊंचा सहस्त्रलिंग पहले से ही श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नियमित पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की सुविधा के लिए अलग से निर्मित शिव मंडप में 33 इंच का लघु सहस्त्रलिंग स्थापित किया गया है, जहां श्रद्धालु विधिवत पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
समिति ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन चार से पांच हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और सावन में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। 120 एकड़ में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में 22 मंदिर और 18 शिखरों का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसे विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर बनाने का लक्ष्य है। रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालु 9717974548 नंबर पर संपर्क कर अग्रिम बुकिंग करा सकते हैं। समिति ने बताया कि सावन में अधिक भीड़ होने की स्थिति में जलाभिषेक के लिए विशेष अरघा की भी व्यवस्था की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस महीने में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत-पूजन का विशेष महत्व है तथा शिव भक्त पूरे श्रद्धाभाव से भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं।
