पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन एवं स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संघर्ष मोर्चा की नगर विकास मंत्री के साथ हुई वार्ता मंगलवार को बेनतीजा रही। इसके बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 30 जुलाई से पूर्व घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अडिग रहने का निर्णय लिया है। संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने बताया कि हड़ताल की सूचना करीब डेढ़ माह पहले ही नगर विकास विभाग को दे दी गई थी, लेकिन विभाग और सरकार ने समय रहते कोई पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल की तारीख नजदीक आने पर आनन-फानन में पहले विभागीय सचिव और फिर मंत्री स्तर पर वार्ता बुलाई गई, लेकिन किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों का निकाय सेवा में समायोजन तथा एसीपी और एमएसीपी पर लगी रोक हटाना शामिल है। संघर्ष मोर्चा के नेताओं का आरोप है कि वार्ता के दौरान नगर विकास मंत्री ने कहा कि विभाग में ऐसे पत्र आते रहते हैं और प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलना चाहिए था। नेताओं का कहना है कि इस बयान से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने बताया कि दैनिक कर्मियों के मुद्दे पर तत्काल निर्णय की मांग की गई, लेकिन मंत्री ने अधिक समय मांगा और कथित तौर पर कहा कि यदि हड़ताल करनी है तो करिए, उन्हें समय चाहिए।
वार्ता विफल होने के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की कि 29 जुलाई को राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा तथा 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। मोर्चा ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार या प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई की गई तो कर्मचारी इसका कड़ा विरोध करेंगे। बैठक में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के महासचिव असजद आलम अप्पू, प्रवक्ता जितेंद्र कुमार, बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष शिववचन शर्मा, महासचिव अशोक प्रसाद सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ पटना नगर निगम आयुक्त यशपाल मीणा भी बैठक में उपस्थित थे।
