दिल्ली, आशीष रंजन : दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में मंगलवार को नवागंतुक छात्रों के लिए छात्र-अभिभावक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रो. तुष्टि भारद्वाज के संयोजन और प्रो. अनीता श्रीवास्तव के सह-संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से आए सैकड़ों छात्र एवं उनके अभिभावक शामिल हुए।
प्राचार्य ने सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने कहा कि महाविद्यालय में उत्कृष्ट अध्यापक छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ रोजगार और जीवन-व्यवहार से जुड़े कौशल विकास के लिए भी तैयार कर रहे हैं। यहां के छात्र देश के विभिन्न उच्च संस्थानों में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ NCC, NSS, खेल-कूद और सांस्कृतिक सोसायटियों के माध्यम से छात्रों की प्रतिभा को निखारा जाता है। उन्होंने छात्रों से इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अभिभावकों से अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने की अपील की। साथ ही कहा कि अभिभावक कॉलेज से संपर्क बनाए रखें ताकि छात्रों के सम्पूर्ण विकास को दिशा मिल सके।
पाठ्यक्रम, करियर और नियमों की दी जानकारी
कार्यक्रम संयोजक प्रो. तुष्टि भारद्वाज ने महाविद्यालय के अकादमिक और सांस्कृतिक परिवेश की जानकारी दी। सभी पाठ्यक्रमों के संयोजक एवं विभाग प्रभारियों ने छात्रों को उनके कोर्स और उससे जुड़े करियर अवसरों के बारे में विस्तार से बताया।
छात्रों-अभिभावकों के सवालों के जवाब के लिए पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग कक्ष निर्धारित किए गए। विभाग प्रभारियों ने:
- विभाग के शिक्षकों और गतिविधियों से अवगत कराया
- कक्षा की समय-सारणी साझा की
- GE, SEC और VAC जैसे वैकल्पिक पाठ्यक्रमों के चयन की प्रक्रिया समझाई
- उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा नियमों की जानकारी दी
इस दौरान छात्रों और अभिभावकों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
प्रो. बिजेंद्र कुमार, प्रो. दीपाली जैन, प्रो. ममता, प्रो. रामप्रकाश द्विवेदी, प्रो. राजेश उपाध्याय, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. अर्चना माथुर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि चतुर्थ वर्ष के छात्रों के लिए यह परामर्श कार्यक्रम अगले दिन आयोजित किया जाएगा।
