पटनासिटी, (न्यूज़ क्राइम 24) 1974 में आंदोलन के क्रम में अपनी सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेसी हुकूमत ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लागू किया गया था। जिसकी स्मृतियां आज 5 दशक के बाद भी धुंधली नहीं हुई है। जबकि समय बदल गया है ,सरकारी बदल गई है , लेकिन आज उस दौड़ से मिला सबक आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना तब था। जेपी सेनानी संघर्ष समिति पटना सिटी की ओर से त्रिमूर्ति चौक गांधी सरोवर से आपातकाल प्रतिरोध मार्च निकाला जिसमें सेनानी और लोकतंत्र समर्थक हाथों में शक्ति बैनर लिए आपातकाल के विरोध में नारे लगाते हुए हाथों में काली पट्टी बांधे भगत सिंह चौक पहुंचे जहां सभा में तब्दील हुई। सभा में वक्ताओं ने आपातकाल को स्वतंत्रत भारत में लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय, हुई दमनकारी बल्कि संविधान का बंधक बनाकर नागरिकों का मौलिक अधिकार छीन लिया गया है ।तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया यही नहीं न्यायपालिका के अधिकार का भी हनन किया गया। राष्ट्र प्रेरित गायन को भी नहीं बख्शा गया।
इस काले अध्याय की स्मृति को बनाए रखने तथा नई पीढ़ी को अवगत कराते रहना चाहिए ताकि कोई नई शासक -प्रशासक इसकी पुनर्विवर्ती नहीं कर सके ।इस अवसर पर पाटलिपुत्र परिषद संस्था द्वारा 19 जेपी सेनानियों को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के वर्तमान अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह तथा संचालन पटना ग्रामीण जिला प्रभारी संजीव कुमार यादव ने की। मौके पर जेपी सेनानी देवेंद्र प्रसाद सिंह सुनैना देवी हीरालाल विजय राकेश लाल प्रकाश मिथिलेश शाह अशोक पासवान भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री कुमार विजय पासवान , पाटलिपुत्र परिषद संरक्षक शिव प्रसाद मोदी,चौक मंडल महामंत्री विनायक कुमार उपाध्यक्ष दयानंद यादव,डॉ अनिल यादव, बलराम मथुरी,मृत्युंजय , रामनाथ सुमन,प्रेम ठाकुर जैसे अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जेपी संघर्ष सेनानी समिति के देवेंद्र प्रसाद सिंह, विवेकानंद सिंह, प्रभात वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार, सुनैना देवी, मिथलेश शाह, नीलम देवी, बसंती देवी, प्रेम ठाकुर, विजय कुमार, राकेश, उपेंद्र प्रसाद, विजय स्वर्णकार एव अन्य थे।
