पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बक्सर–बरौनी रेलखंड स्थित एलसी-70ए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) में निर्माण के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के समीप उत्पन्न क्षति और धंसाव को लेकर पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने स्पष्ट किया है कि आरओबी की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और इससे किसी प्रकार का संरचनात्मक खतरा नहीं है।
मंत्री ने बताया कि यह आरओबी अभी निर्माणाधीन है और इसका निर्माण कार्य तथा कमीशनिंग पूर्ण नहीं हुई थी। निर्माण के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास कंक्रीट के एक हिस्से में क्षति होने के कारण आंशिक धंसाव की स्थिति उत्पन्न हुई। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किए गए निरीक्षण और परीक्षण में यह पाया गया कि इस घटना का पुल की मुख्य संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के बाद आवश्यक सेटिंग और क्योरिंग अवधि पूरी होने से पहले ही रेलवे प्रशासन द्वारा लेवल क्रॉसिंग बंद कर निर्माणाधीन आरओबी पर यातायात शुरू कर दिया गया था। समयपूर्व यातायात संचालन के कारण एक्सपेंशन जॉइंट के समीप अतिरिक्त धंसाव की स्थिति बनी। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अभियंताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। वर्तमान में रेलवे प्रशासन ने आरओबी पर यातायात संचालन रोक दिया है। आम लोगों की सुविधा के लिए लेवल क्रॉसिंग को पुनः यातायात हेतु खोल दिया गया है।
पथ निर्माण विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त भाग की विस्तृत तकनीकी जांच और मरम्मत कार्य संबंधित एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। संरचना की पूर्ण सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही आगे यातायात संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि मामले में लापरवाही को देखते हुए परियोजना से जुड़े तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
