अररिया, रंजीत ठाकुर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड में झुलसे नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के मानिकपुर पंचायत अंतर्गत भवानीपुर गांव निवासी 22 वर्षीय मजदूर अजय कुमार पासवान की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक अजय कुमार पासवान, नुनु पासवान के पुत्र थे। बताया जाता है कि इंदौर के अस्पताल में पिछले नौ दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
सोमवार सुबह जैसे ही अजय का शव भवानीपुर गांव पहुंचा, पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मृतक के घर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
ग्रामीणों ने बताया कि भवानीपुर गांव के तीन मजदूरों की मौत पहले ही इस अग्निकांड में हो चुकी थी। लोग अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि चौथे मजदूर अजय पासवान की मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के गोखलापुर और भवानीपुर गांव मिलाकर अब तक कुल सात मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें गोखलापुर के तीन तथा भवानीपुर के चार मजदूर शामिल हैं। लगातार हो रही मौतों से दोनों गांवों सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक और भय का माहौल बना हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अजय अपने परिवार का कमाऊ सदस्य था और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजन का बयान:
मृतक की मां ने रोते हुए कहा, “हमरा बेटा कमाकर पूरा परिवार चलावत रहल। इलाज के भरोसा में रहलियै, लेकिन भगवान हमरा से सब कुछ छीन लेलथिन। वहीं मृतक के पिता नुनु पासवान ने कहा, “सरकार से मांग है कि हम गरीब परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाए। बेटा के सहारे ही घर चल रहा था। ग्रामीणों ने भी सरकार से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता एवं मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग की है।
