पटना, सुनील कुमार : मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत संकट प्रबंधन समूह (CMG) की छठी उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में PNG, LPG और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई।
20 जिले हुए गैसयुक्त
सहरसा 5 मई और बांका 18 मई को गैस नेटवर्क से जुड़ने के साथ अब राज्य के 20 जिले यानी 50% से अधिक जिले गैस नेटवर्क में आ चुके हैं। अप्रैल 2026 में PNG कनेक्शन की रफ्तार रिकॉर्ड 10,952 प्रति माह तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह 3,000-3,500 प्रति माह थी। 18 मई 2026 तक राज्य में कुल 1.15 लाख घरेलू PNG कनेक्शन लाइव हो चुके हैं। मई में 18 तारीख तक 6,252 नए D-PNG कनेक्शन जोड़े गए। पिछले दो महीने में 70 नए औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहक भी जुड़े, जिससे अप्रैल में गैस बिक्री में मार्च की तुलना में 27% की बढ़ोतरी हुई।
LPG और पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य
राज्य में औसत दैनिक रिफिल आपूर्ति 3.59 लाख सिलेंडर है। डिलीवरी बैकलॉग औसतन 4.33 दिन का है, जिसे कम करने के प्रयास जारी हैं। अवैध सिलेंडर रोकने के लिए 30,500 गैस एजेंसियों और 29,663 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच हुई। 2,333 अवैध सिलेंडर जब्त, 40 मामले 6A के तहत और 154 FIR दर्ज की गईं। राज्य के सभी 3,590 पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य है। कृषि सीजन के कारण डीजल की बिक्री में 10% की वृद्धि हुई है, तेल कंपनियां आपूर्ति बनाए रखने के लिए तैयार हैं।
मुख्य सचिव के निर्देश
- लंबित आवेदन निपटाएं: PNG के 31,774 लंबित आवेदनों को मिशन मोड में निपटाने के लिए अतिरिक्त मानव बल और ठेकेदार तैनात करने का आदेश।
- भूमि और वन मंजूरी तेज करें: कैमूर, सीवान, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण जैसे 9 गैर-गैसयुक्त जिलों में CGS/DRS के लिए भूमि मामलों को DM समन्वय से तुरंत सुलझाएं। मधुबनी में एक साल से लंबित वन मंजूरी पर तुरंत NOC लेने को कहा।
- निर्बाध डीजल आपूर्ति: निर्माण कार्य और टेलीकॉम टावरों के लिए डीजल आपूर्ति बिना रुकावट जारी रखने के निर्देश।
- 5 KG FTL सिलेंडर उपलब्ध रखें: निर्माण श्रमिकों और अनुबंधित लाभार्थियों के लिए 5 किलोग्राम के सिलेंडर बाजार में अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें।
मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि राज्य में तेल और LPG को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है। सभी व्यवस्थाएं सुचारू और नियंत्रण में हैं।
