शेखपुरा, उमेश कुमार : भीषण गर्मी में गहराते जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक का फोकस शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति पर रहा।
ADC के सख्त निर्देश:
- नल-जल योजना दुरुस्त करें: PHED के कार्यपालक अभियंता को सभी खराब मोटर-स्टार्टर तुरंत ठीक करने का आदेश। लीकेज पाइपलाइन तुरंत दुरुस्त कर जलापूर्ति शुरू करें।
- चापाकल मरम्मत: जिले में जहां भी चापाकल खराब हैं, मरम्मत टीम भेजकर युद्धस्तर पर ठीक करें।
- बिजली बाधा दूर करें: नल-जल योजना में बिजली की समस्या न हो, इसके लिए बिजली विभाग से समन्वय करें।
- जवाबदेही तय: ADC ने नाराजगी जताते हुए कहा- “हर सोम-शुक्र को बड़ी संख्या में लोग DM के पास पानी की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। निचले स्तर पर समाधान नहीं हो रहा। कोताही मिली तो अधिकारी और संवेदकों पर कठोर कार्रवाई होगी।”
“नागरिक परेशान नहीं होने चाहिए”
अपर समाहर्ता ने साफ कहा कि किसी भी हाल में नगर निकायों और वार्डों के लोग पानी के लिए परेशान न हों।
बैठक में मौजूद अधिकारी:
आपदा विभाग की इस बैठक में DCLR मृत्युंजय कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सौरव सत्यम, PHED के सहायक अभियंता, JE व अन्य कर्मी मौजूद रहे।
प्रशासन की सख्ती से उम्मीद है कि भीषण गर्मी में लोगों को पानी की किल्लत से राहत मिलेगी।
