अररिया, रंजीत ठाकुर। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के परमान सभागार में बुधवार को ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण में योगदान देने वाले संग्राहकों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी विनोद दूहन ने की।
समारोह में जिले के विभिन्न संग्राहकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत को संरक्षित एवं पुनर्जीवित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत प्राचीन पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठ-मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों तथा निजी संग्राहकों के पास उपलब्ध कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र एवं कपड़े पर लिखी पांडुलिपियों की पहचान, सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। इन पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम् पोर्टल एवं एप के माध्यम से आम लोगों और शोधार्थियों के लिए सुलभ बनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियां हैं, वे आगे आकर इसकी जानकारी दें, ताकि इस अमूल्य विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
समारोह के दौरान रामकृष्ण सेवा आश्रम, श्री कुंदन कुमार झा, श्री चंदन कुमार झा एवं श्री दक्षिणेश्वर प्रसाद राय को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामकृष्ण सेवा आश्रम द्वारा 01, कुंदन कुमार झा द्वारा 06, चंदन कुमार झा द्वारा 15 तथा दक्षिणेश्वर प्रसाद राय द्वारा 04 पांडुलिपियां सर्वेक्षण हेतु उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। इस अवसर पर जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी शंभू कुमार रजक, जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिनेश पासवान, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सान्याल कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
