पटना, अंकुश कुमार : राज्य में 17 अप्रैल से शुरू होने वाले स्व-गणना कार्य की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय सभागार में बैठक आयोजित की गई, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) के सदस्य और प्रधान जनगणना अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने ‘जनगणना 2027’ के तहत 17 अप्रैल से शुरू होने वाले स्व-गणना (सेल्फ एनुमेरेशन) से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को कई अतिआवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक राष्ट्रहित का कार्य है और सभी को भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्य करना है। जनगणना का कार्य दो चरणों में प्रस्तावित है। प्रथम चरण की शुरूआत 2 मई से होगा, जिसमें मकानों की सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व 17 अप्रैल से स्व-गणना का कार्य प्रारंभ होगा जो 1 मई 2026 तक चलेगा। उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को सफलता पूर्वक संपन्न कराया जाए।
विशिष्ट व्यक्तियों की सहभागिता :
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलाधिकारी, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गणमान्य व्यक्तियों की एक सूची तैयार करें और उनसे स्व-गणना करवाएं, ताकि जिलावासियों को भी इस अभियान में भाग लेने की प्रेरणा मिले।
शत-प्रतिशत कर्मियों की स्व-गणना :
उन्होंने कहा कि विभागवार यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी निदेशालयों, प्रभागों, निगमों और जिलों के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपनी स्व-गणना समय से पूर्ण करें।
व्यापक जन-जागरूकता :
मुख्य सचिव ने कहा कि स्व-गणना हेतु प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए ‘जीविका दीदियों’ की मदद ली जाए। सभी जिलों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है उसके अनुश्रवण की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीकी कार्यों का निष्पादन करने का निर्देश देते हुए कहा कि सीएमएमएस पोर्टल पर हाउस मकान सूचीकरण के कार्य को एक सप्ताह के अंदर पूर्ण किया जाए।
वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने भी स्वगणना को लेकर सभी विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनगणना कार्य निदेशक सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए स्व-गणना की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
