बिहार

इमारत शरिया और मिल्ली संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की, मतदाता सूची संशोधन को लेकर रखीं तीन अहम मांगें

पटना/फुलवारी, अजित। इमारत शरिया बिहार, ओडिशा और झारखंड के अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना अनिसुर्रहमान कासमी की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त आर.एल. चौधरी से मुलाकात कर मतदाता सूची विशेष संशोधन अभियान में उत्पन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा और आवश्यक सुधारों की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में इमारत शरिया के महासचिव मौलाना मुहम्मद शिबली कासमी, सदर मुफ्ती मौलाना सुहैल अहमद कासमी, शांति संदेश केंद्र बिहार के महासचिव मौलाना अब्दुल माजिद कासमी, जमीयत उलेमा-ए-बिहार से अनवरुल हुदा, पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रागिब अहसन, फुलवारी नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष तस्लीम रिजवी, और ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल बिहार से मौलाना मुहम्मद जमालुद्दीन कासमी शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखीं जिनमे मतदाता सूची में नाम जोड़ने या बनाए रखने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल किया जाए.
2003 की सूची को आधार बनाने के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाए.पहले से पंजीकृत मतदाताओं को दस्तावेजों की कमी के कारण सूची से न हटाया जाए।

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी पात्र मतदाता को केवल दस्तावेज की कमी की वजह से हटाया नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार दिलाना है, और इसके लिए ऑनलाइन सुविधाएं भी सक्रिय हैं।

इमारत शरिया के महासचिव मौलाना शिबली कासमी ने सभी समुदायों से अपील की कि वे 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करें और इस प्रक्रिया में सक्रिय भाग लें. उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेजों के अभाव में फंसे लोगों की मदद करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

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