पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बैनर तले राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (NINI), पटना में चल रहे सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के 30वें बैच को समापन समारोह के साथ विदाई दी गई। इस अवसर पर मधुबनी जिले से आए प्रतिभागियों को 9 दिवसीय प्रशिक्षण उपरांत मास्टर ट्रेनर के रूप में चिन्हित कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में NINI के विशेषज्ञों की देखरेख में प्रवेश मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 18 प्रतिभागियों को चयनित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सुरक्षित तैराकी से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक ज्ञान दिया गया।
समापन समारोह में संस्थान के प्रशासी पदाधिकारी ने उपस्थित रहकर प्रतिभागियों से संवाद किया और उनके द्वारा अर्जित ज्ञान को संतोषजनक बताया। उन्होंने बताया कि अब ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने पंचायतों में जाकर 6 से 18 वर्ष के बच्चों को 12 दिवसीय सुरक्षित तैराकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
प्राधिकरण के वरीय सलाहकार डॉ. जीवन ने कहा कि यह कार्यक्रम बिहार में डूबने की घटनाओं से होने वाली क्षति को कम करने में एक बड़ी पहल साबित हो रही है। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और इसके सामाजिक प्रभाव पर संतोष जताया।
कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. (कैप्टन) इंद्रवीर सोलंकी के मार्गदर्शन में संस्थान में कई लोक-कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को आपदा से निपटने हेतु सक्षम बनाना है।
समापन समारोह में एसडीआरएफ से सब-इंस्पेक्टर श्री रमेश, मेजर के. एन. सिंह, तैराकी विशेषज्ञ अविनाश, मनीष, श्री श्याम, अमर, मनोज, कार्यक्रम समन्वयक डोमेन एक्सपर्ट एच. आर. डी. आर. श्रवण कुमार सिंह, अरुण वीर ढांडा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
