बिहार

विश्व जनसंख्या दिवस : स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया जाएगा सामुदायिक उत्प्रेरक एवं जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के मौके पर लोगों के बीच परिवार नियोजन के सभी स्थायी एवं अस्थायी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए इच्छुक दंपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें परिवार नियोजन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में विभिन्न पखवाड़े का आयोजन कर लोगों को परिवार नियोजन सुविधाओं के लिए जागरूक करते हुए उन्होंने आवश्यक सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह की अध्यक्षता में सभी प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सदर अस्पताल के सभागार में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों को प्रशिक्षण मे फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट सिस्टम (एफपीएलएमआईएस) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रखंडों में समीक्षा की गई।

यह सॉफ्टवेयर परिवार कल्याण के साधनों की भौतिक उपस्थिति व अनुपस्थिति की जानकारी देने व सामग्री प्राप्त करने के लिए विकसित किया गया है। प्रशिक्षण में सिविल सर्जन द्वारा सभी अधिकारियों को परिवार नियोजन के सभी सुविधाएं भी जानकारी समुदाय स्तर तक उपलब्ध कराते हुए इच्छुक लाभार्थियों को चिन्हित सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस दौरान डीएमओ डॉ जे पी सिंह, डीपीएम भगवान प्रसाद वर्मा, डीसीएम अश्विनी कुमार मिश्र, यूनिसेफ यूएलएफपीएम बुद्धदेव कुमार, पीएसआई जिला समन्यवक शिल्पी सिंह के साथ साथ सभी प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

तीन चरण में आयोजित किया जाएगा पखवाड़ा :

विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता अभियान तीन चरण में आयोजित किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है। उसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन चरण में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। इसमें 01 जून से 20 जून तक प्रारंभिक चरण, 27 जून से 10 जुलाई तक समुदायिक उत्प्रेरक पखवाड़ा और 11 जुलाई से 31 जुलाई तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों द्वारा पूरे जिले में लोगों के बीच जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाना तथा योग्य दंपत्तियों को इच्छुक सेवा प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, बच्चों के बीच सही अंतर रखना तथा छोटा परिवार के लाभ के बारे में आमजन के मध्य चर्चा करते हुए माँ और शिशु शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने तथा गर्भनिरोधक उपायों को अपनाने हेतु आवश्यक परामर्श देना है। सभी अधिकारियों को पखवाड़े के दौरान लोगों को परिवार नियोजन सेवाओं के तहत प्रदान की जाने वाली सेवा, जैसे- कॉपर टी, गर्भनिरोधक सुई एवं गोलियां, बंध्याकरण और नसबंदी की सेवा प्रदान करने का विशेष रूप से ध्यान रखने का आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसमें जिला स्वास्थ्य विभाग को यूएनएफपीए और पीएसआई इंडिया जैसे डेवलपमेंट पार्टनर्स द्वारा भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराई जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग परिवार नियोजन सुविधाओं का लाभ उठा सके।

Advertisements
Ad 1

पखवाड़े में लोगों को दिया जाएगा परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी सुविधा का लाभ :

एसीएमओ सह परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ कनक रंजन ने बताया कि पखवाड़े के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष रूप से इच्छुक दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। स्थायी सुविधा के रूप में लोग महिला बंध्याकरण और पुरूष नसबंदी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। अस्पताल में महिला बंध्याकरण करने पर लाभार्थी महिला को 2000 रुपया जबकि पुरूष नसबंदी कराने पर लाभार्थी पुरुषों को 3000 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य :

डीपीएम भगवान प्रसाद वर्मा ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस के दौरान लोगों को परिवार नियोजन साधनों की जानकारी देते हुए उन्हें आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है। अभियान की सफलता को लेकर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। अभियान के सफल संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आईसीडीएस, समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, जीविका व टोला सेवकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते उनसे जरूरी सहयोग लिया जा रहा है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा परिवार नियोजन के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधा का लाभ लिया जाएगा और यह जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने में सहयोग करेगा।

Related posts

गौरीचक में अवैध देसी शराब के अड्डों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हजार लीटर अर्धनिर्मित शराब नष्ट

एम्स पटना में “स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर इंटरैक्टिव सत्र, अनुसंधान से उपचार तक एआई की भूमिका पर चर्चा

बेऊर में लावारिस लग्जरी कार से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद, तस्कर फरार

error: