फुलवारीशरीफ, अजीत। विश्व कैंसर दिवस को लेकर महावीर कैंसर संस्थान में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस जागरूकता कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया.इस कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली के सुप्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डा० जी० के० रथ, सस्थान के निदेशक (प्रशासन) डा० विश्वजीत सन्याल, निदेशक (चिकित्सा) डा० मनीषा सिंह एवं अन्य वरीय चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से किया.
डा० जी० के० रथ ने कहा कि सभी प्रकार की गांठ कैंसर वाली हो जरूरी नहीं है. यह चंद जांच से निर्धारित होता है कि वह कैंसर वाली गांठ है या बिना कैंसर वाली. उन्होंने कहा कि कैंसर धीरे-धीरे बढ़ने वाली बिमारी है. यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। शुरू में वह लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहता है.किन्तु, धीरे-धीरे वह पूरे शरीर में फैलना शुरू करता है. जब वह पूरे शरीर में फैल जाता है तो उसका इलाज कठिन हो जाता है. अतः समय रहते इसकी इलाज होनी चाहिए.
संस्थान की चिकित्सा निदेशक एवं किमोथेरेपी विभाग की प्रमुख डा० मनीषा सिंह ने कहा कि कैंसर लाइलाज नहीं है.समय पर पहचान एवं उपचार से जान बच सकती हैं. उन्होंने कहा कि तम्बाकू की आदत कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है.कैंसर के कुछ प्रमुख लक्षण के बारे में भी उन्होंने बताया जैसे पखाना, पेशाब या योनि मार्ग से खून आना, घाव (जख्म) का नहीं भरना, स्तन में गाँठ अथवा खून का रिसाव, मुँह के अन्दर या जीभ पर सफेद चकत्ता, शरीर के किसी भी भाग में गाँठ या तिल के आकार में अप्रत्याशित वृद्धि, रजोनिवृति के बाद रक्तश्राव एवं योनि मार्ग से रिसाव में दुर्गन्ध, पेट में अक्सर या लगातार दर्द होता हो, आवाज में परिवर्तन होता सुनाई दे, निगलने में कठिनाई हो, शरीर का वजन लगातार घटने लगे, लगातार बुखार आये और इलाज से ठीक न हो इत्यादि.
उन्होंने कहा कि कैंसर की बीमारी को होने से रोका तो नहीं जा सकता परन्तु जागरूकता लाकर कम किया जा सकता है क्योंकि अधिकांश लोग अनभिज्ञता के कारण दोषपूर्ण खान-पान, रहन-सहन और आचार-व्यवहार के कारण कैंसर जैसे रोग के शिकार हो जाते हैं.कैंसर से बचाव का सबसे कारगर उपाय :- समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराते रहना, तम्बाकु या तम्बाकु से बनी सामानों का उपयोग नहीं करना, फास्ट फुड या डब्बा बन्द खाना से परहेज करना, तली-भुनी एवं मसालेदार भोजन से परहेज करना, अधिक चर्बीदार भोजन नहीं करना, हरी पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करना, रासायनिक खाद एवं कीटनाशक दवाइयों के उपयोग वाले भोज्य पदार्थों से बचना, जिन फलों को पकाने के लिये कार्बाइड आदि का इस्तेमाल किया गया हो उससे सदैव दूर रहना, अधिक मात्रा में पानी पीना तथा नित्य व्यायाम करना शामिल है.
उन्होंने कहा कि शहरी अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर जागरूकता एवं कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के जरिए कैंसर जैसे रोग पर काबू पाया जा सकता है. अभी कुछ महीने पूर्व महावीर कैंसर संस्थान द्वारा पटना के विभिन्न क्षेत्रों में 65 कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाये गये थे जिसका लाभ उस क्षेत्र के आम जनता को मिला है.
संस्थान के निदेशक (प्रशासन) डाँ विश्वजीत सन्याल ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल इच्छा से प्राप्त नहीं होता.इसके लिए चार चीजों का होना आवश्यक है . अच्छी जीवन शैली, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार एवं तम्बाकू से परहेज .उनहोंने कहा कि कैंसर से बचाव में तम्बाकू एवं तम्बाकू से बने पदार्थों का परित्याग का अहम स्थान है.
मौके पर संस्थान के रेडियोथेरेपी विभाग की प्रमुख डा० विनीता त्रिवेदी, डा० सुबोध कुमार सिन्हा, डा० रीता रानी, डा० उषा सिंह, डा० नवीन कुमार, डा० मुकूल मिश्रा आदि मौजूद थीं.
