बिहार

महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन

पटनासिटी(न्यूज क्राइम 24): श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में गुरु अर्जन देव सभागार में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो० (डॉ०) कनक भूषण मिश्र की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर जंतु विज्ञान विभाग के छात्र/छात्राओं के द्वारा बाघ दिवस से संबंधित नारा तथा अनेक प्रकार के बाघ का मास्क बनाया गया। जिसे महाविद्यालय के निर्णायक मंडल के द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय घोषित किया गया था। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। सर्वप्रथम विभागाध्यक्ष डॉ रेश्मा सिन्हा के द्वारा मंच पर विराजमान अतिथियों का परिचय कराया तथा फूलदान एवं मेमंटो देकर स्वागत किया। जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ रेशमा सिन्हा ने विषय प्रवेश कराया तथा इस दिवस के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर मास्क मेकिंग प्रतिस्पर्धा में जंतु विज्ञान विभाग सेमेस्टर प्रथम का छात्र रिशु राज को प्रथम स्थान तथा छात्रा श्रेया आनंद को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ । इसके अलावा नारा प्रतिस्पर्धा में अंकिता रानी, दिव्या कुमारी, रानी गायत्री एवं पुष्पा कुमारी ने भाग लिया। भाषण प्रतियोगिता में अभिषेक राज, आदित्य पटेल, सुगना कुमारी तथा सूर्यकांत बेहरा ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र तथा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ अंबुज किशोर झा विभागाध्यक्ष प्राचीन भारतीय एशियाई अध्ययन ने इस अवसर पर अपना सारगर्भित भाषण दिया तथा बाघो के महत्व को दर्शाया। डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र विभाग ने बाघ दिवस के आयोजन पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की बात की। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ करुणा राय ने बाघ दिवस के महत्व को दर्शाया तथा उन्होंने कहा कि पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने के लिए बाघ को बचाना आवश्यक है।

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डॉ उमेश कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है बाघ हमारी पहचान है तथा देश की शान है । उन्होंने बिहार के बाल्मीकि नगर बाघ प्रोजेक्ट की चर्चा की तथा बताया कि बिहार में बाघों की संख्या वर्तमान में 54 है। डॉ अरविंद कुमार सिंह विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग ने इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त किया। अध्यक्षीय भाषण महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो (डॉ०) कनक भूषण मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से महाविद्यालय में शैक्षिक गतिविधियां बढ़ती है। उन्होंने अपने भाषण में शिक्षकों से अनुरोध किया कि इस प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम का अयोजित सभी विभाग के द्वारा किया जाना चाहिए। इस प्रकार के कार्यक्रम से बच्चों में उत्साह बढ़ता है। उन्होंने सभी प्रकार के सहयोग के लिए वचन दिया।

धन्यवाद ज्ञापन विभागीय शिक्षक तथा आइ.क्यू.ए.सी समन्वयक डॉ विकास कुमार ने किया उन्होंने अपने भाषण में कहा कि बाघ के निवास वन को कभी मत काटो और वन में रहने वाले बाघो को कभी भी शिकार मत करो क्योंकि बाघ वन की रक्षा करते हैं और वन बाघो की रक्षा करते है। यह दोनों एक दूसरे के अस्तित्व के लिए अपरिहार्य है। उन्होंने अपने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों के कार्यक्रम में उपस्थित के लिए धन्यवाद दिया।इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक डॉ फजल अहम, डॉ पुष्पा सिन्हा, डॉ अनिल कुमार सिंह,डॉ विजय नारायण सिंह,डॉ सुबोध कुमार सिंह, डॉ इस्लाम अहमद, डॉ अनजानी कुमार, डॉ नन्द कुमार यादव, डॉ अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी,डॉ सुनील कुमार, डॉ सुशील कुमार, डॉ सुनील कुमार डॉ प्रीति कुमारी तथा छात्र अनिकेत, सतीश पप्पू, प्रेम बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिनिधियों के बीच अल्पाहार बांटा गया तथा फोटो सेशन का भी आयोजन किया गया।

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