पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में अस्पताल परिवार ने मिलकर योग प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया। इस ख़ास मौक़े पर योग के महत्व के विषय बताया गया।
अस्पताल अधीक्षक डाक्टर योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि योग, शरीर मन एवं आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करने की विधा है। आम तौर पर आज कल योग के आठ कंपोनेंट में से सिर्फ आसन और प्राणायाम को ही योग की संपूर्णता समझा जा रहा है जबकि यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रतिहार, धारणा, ध्यान और समाधि आठ कंपोनेंट हैं, इसीलिए इसे अष्टांग योग कहा जाता है। योग के इन आठों कंपोनेंट को अगर समझ लिया गया तो व्यक्ति के जीने, स्वस्थ रहने और सोचने की दिशा बदल जाएगी। अस्पताल परिसर में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में लगभग पचास प्रतिभागियों ने अपना समय दान दिया।
इस कार्यक्रम में जीएन एम स्कूल की प्रशिक्षु छात्राएं, सदर अस्पताल के अधीक्षक, महिला चिकित्सक डाक्टर जयंती, डाक्टर उमाशंकर, डाक्टर अमित कुमार,अस्पताल प्रबंधक मो. शब्बीर खान, जिविका के सुपरवाइजर मृदुल कुमार,जिविका ग्रुप के सदस्य, चालक गंगा चौहान एवं सुजीत कुमार,परिसर स्थित होमियोपैथीक चिकित्सा ईकाई से विभाग प्रभारी डाक्टर केके अविनाश, डाक्टर सरिता वर्मा, डाक्टर अभिषेक, फार्मासिस्ट अनिल कुमार, सुरक्षा गार्ड के साथ गार्ड सुपरवाइजर एवं अन्य लोगों ने भाग लिया। प्रशिक्षक के रूप में डाक्टर आद्या, दुर्गा प्रसाद एवं राकेश कुमार ने भाग लिया। अंत अस्पताल अधीक्षक ने योग को नियमित रूप से अपनाने की अपील के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले तथा सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
