छात्रों के बीच हुई झड़प को लेकर दो पक्षों में हुई जमकर मारपीट

नरपतगंज(रंजीत ठाकुर): नरपतगंज प्रखंड के घूरना ओपी क्षेत्र अंतर्गत पथराहा पंचायत में छात्रों की लड़ाई को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। मंगलवार को दो पक्षों के छात्रों में हुई हल्की-फुल्की मारपीट ने हिंसक रूप ले लिया।देखते ही देखते एक पक्ष के सैकड़ों लोगों ने हुजूम बनाकर दूसरे पक्षों के लोगों की बस्ती में घुसकर पुरुष,महिला एवं बच्चों के साथ जमकर मारपीट की। पारंपरिक हथियारों से लैस होकर एक पक्ष के लोगों ने हुजूम बनाकर वार्ड संख्या 10 स्थित पासवान टोला में घुसकर मारपीट शुरू कर दी।यहाँ तक कि महिलाओं को घसीट-घसीट कर मारा तोपुरुषों को भी लाठी-डंडे से दौड़ा दौड़ा कर पीटा,जिसमें कई दर्जन महिला,पुरूष एवं बच्चे घायल हो गए। घायलों में पप्पू पासवान,शंकर पासवान, रामप्रवेश पासवान, कृष्णा पासवान,जितेंद्र कुमार साह सहित करीब तीन दर्जन महिलाएं एवं 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से चोटिल बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के लोगों ने घटना के बाद घूरना नहर चौक एवं घूरना बाजार में टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
घटना की सूचना मिलते ही अररिया पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलबेला डीएसपी गौतम कुमार फुलकाहा थानाध्यक्ष हरेश तिवारी एवं भारी संख्या में पुलिस बल के साथ घूरना पहुंच कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली तथा उग्र भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया। तदोपरांत फारबिसगंज डीएसपी गौतम कुमार के नेतृत्व में शांति बहाली के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया तथा लोगों के साथ मिलकर शांति समिति की बैठक की। इससे पूर्व घूरना बाजार के व्यवसायियों एवं दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने घूरना बाजार में धरना प्रदर्शन पर बैठकर प्रदर्शनकारियों ने अविलंब कार्यवाही की मांग कर रहे थे।लोगों ने घूरना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घूरना पुलिस को स्थानांतरित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घूरना पुलिस की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना घटी है ।अगर समय रहते पुलिस सजग रहती,तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती.

एसपी हृदयकांत ने कहा कि घटना को राजनीति रंग देने की कोशिश हुई है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना को लेकर करीब छ: घंटे तक घूरना बाजार पूरी तरह बंद रहा।छात्रों की लड़ाई के बाद मारपीट करने वालों में नरपतगंज के उप प्रमुख प्रतिनिधि मोहम्मद हदीस समेत समीम, शब्बीर, तनवीर, जफीर सफिद,नवीर, तनवीर, सकीद,जावेद, बारीक, जाहिद, आफताब, जाकिर, साहिर, फिरोज, अजमल, शाहिद, शरीफ सहित दर्जनों लोगों पर मारपीट का आरोप दूसरे पक्षों द्वारा लगाया जा रहा है। इस घटना के दूसरे दिन मंगलवार की सुबह से हीं राजनीति रंग चढ़ने से पूरा घूरना बाजार दंगे की आग में झुलसने लगा और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गया था.

इस बाबत बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी ने कहा की प्रशासन अभिलंब दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करें. जिला परिषद प्रतिनिधि कलानंद विराजी ने कहा की यह घटना निंदनीय नहीं है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसा करना अच्छा नहीं है, प्रशासन से अभिलाष दोषियों पर कार्यवाही करने की बात कही है. पथराहा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सज्जाद सबा ने कहा कि यह घटना पूर्व मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा साजिश के तहत किया गया है।