शेखपुरा, उमेश कुमार : शेखर आनंद जिला पदाधिकारी शेखपुरा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित ‘मंथन’ सभागार में सोमवारीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु कड़े दिशा-निर्देश भी दिए । बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विभागवार समीक्षा किया गया। आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता और नीलमपत्रवाद (Certificate Cases) से संबंधित लंबित आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद या अन्य कानूनी अड़चनों के कारण विकास कार्य बाधित नहीं होने चाहिए। उन्होंने हर घर नल का जल’ योजना की समीक्षा करते हुए जिले के जिन वार्डों में अभी तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई है, वहां युद्धस्तर पर कार्य कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पेंशन के लंबित मामलों को जल्द से जल्द निष्पादित करने को कहा गया, ताकि योग्य लाभुकों को समय पर आर्थिक सहायता ससमय मिल सके। उक्त बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, भवन निर्माण, सिंचाई और पथ निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई।
संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना ही प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” इस बैठक में जिला प्रशासन के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से अपर समाहर्ता एवं उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (जांच) एवं सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता, के साथ साथ जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थें।
जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्राप्त शिकायतों का ससमय निष्पादन कराएंगे। जनसंवाद कार्यक्रमों में जो भी समस्याएं उभर कर आई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए ताकि जनता का विश्वास प्रशासन के प्रति और सुदृढ़ हो सके।
