पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के नेता एजाज अहमद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में सरकारी अस्पताल और डॉक्टर के संबंध में जो बातें कही थी उसे अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा स्वीकार किया जाना कि बिहार में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह से दयनीय है, जबकि सरकार के स्तर से 700 करोड रुपए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और डॉक्टरों पर खर्च किए जाते हैं. लेकिन समय पर ना तो डॉक्टर की सुविधा मिल पाती है और ना ही सरकारी अस्पतालों में बेड और अन्य तरह की सुविधा मिलती है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकारा प्राइवेट अस्पतालों की व्यवस्था के लिए 200 करोड रुपए खर्च होते हैं और सभी सही समय पर डॉक्टर से लेकर के अस्पताल की सारी व्यवस्था चुस्त दुरुस्त नजर आती है। इन्होंने ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा अस्पतालों की व्यवस्था और डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर सवाल खड़ा करने और स्वयं व्यवस्था की कमियों को स्वीकार कर लेने से यह स्पष्ट हो गया कि बिहार में स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य महकमा किस तरह से कार्य कर रहा है और इस मामले स्वास्थ्य विभाग और मंत्री गंभीर नहीं है, जब मुख्यमंत्री जी यह बात स्वीकार कर रहे हैं ,तो उन्हें अविलंब स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटा देना चाहिए और उन्हें भी इस तरह की व्यवस्था की स्वीकार्यता के बाद बिहार की जनता से माफी मांगना चाहिए और कहना चाहिए की वो बिहार में व्यवस्था सुधारने में असमर्थ है। जब मुख्यमंत्री ही बिहार में सरकारी अस्पताल और डॉक्टर के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं तो अब व्यवस्था कैसे सुधरेगा। बिहार में स्वास्थ्य विभाग नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हर मामलों में फिसड्डी है।
