अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज के बेला बॉर्डर पर हुई घटना के बाद भारतीय सीमा क्षेत्र में एसएसबी के जवान सशक्त नजर आ रही है। बॉर्डर पर आने जाने वाले हर आदमी की जांच सख्ती से की जा रही है । नित्यदिन की तरह सैकड़ों की संख्या में लोग रोजमर्रा का सामान लेकर आ जा रहे है । हालांकि बड़ी वाहन नहीं के बराबर चल रही है । जबकि पैदल चलने वाले तथा मोटर साइकिल से चलने वाले लोग जांच के बाद नेपाल प्रभाग की ओर जा रहे है।
गुरुवार को बेला बॉर्डर के समीप नेपाल प्रभाग मे नेपाल पुलिस की गोली से 45 वर्षीय विजय साह के मृत्यु के घटना को जांच के लिए सशस्त्र पुलिस बल मुख्यालय की टीम शुक्रवार को सुनसरी पहुंची है । बता दे की नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के द्वारा गोली चलाने के कारण सुनसरी के लौकही बजार के बिजय साह की मौत हुई थी जिसके बाद दस घंटे तक पूरा क्षेत्र रणभूमि में तब्दील था। वहीं शुक्रवार को नेपाल मानवाधिकार की टीम घटना स्थल पहुंचकर सभी पहलुओं का जांच किया तथा स्थानीय ग्रामीणों का बयान भी दर्ज किया।
वहीं इस मामले को लेकर जिला पुलिस कार्यालय सुनसरी के द्वारा भी अनुसंधान चालू कर दिया है आरोपी जवान को जिला पुलिस कार्यलय में उपस्थित करवा कर घटना के सन्दर्भ में बयान दर्ज करने की बात सुनसरी एसपी ने कही है, पुलिस सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार बयान में सशस्त्र पुलिस के वरिष्ठ हवलदार ने बताया की सिटी के आगे दो टेम्पू चल रहा था बेला सीमा से 500 मीटर की दुरी पर रुकने को कहा गया था आगे जा रहे टेम्पू से दो राउंड फायरिंग की गयी जवाबी कार्यवाही में गोली चलाने के बाद मुठभेड में गोली लगने के बाद साह की मौत होने की बात सुरक्षा निकाय को दिए गए बयान में कहने की बात कही है।
हालांकि इस घटना के बाद सबसे अनुतरित जवाब है की माल किसका था । मृतक साह के बड़ी बहन शांति देवी का दावा है की रोज रात की तरह 11बजे से एक बजे तक बेला बाजार से मृतक साह चीनी लोड कर इनरुवा बाजार तक ले जाता था जिसके एवज में सिर्फ किराया की रकम मिलती थी इस रात भी वह सामान एक बार पंहुचा कर आया था तथा दूसरे खेप लेकर जा रहा था तब घटना हुई है । वहीं शुक्रवार की देर शाम मृतक का शव लौकही पहुंचा तथा उनका अंतिम संस्कार हुआ।
