प्रधानमंत्री आवास योजना फर्जीवाड़े का खुलासा

सात साल पहले मृत हो चुकी महिला के नाम पर निकाल ली गई राशि

बीडीओ, बैंक मैनेजर समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज

मनेर(आनंद मोहन): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में जमकर भ्र्ष्टाचार एवं कमीशनखोरी हो रही है। फर्जीवड़ा कर कागज पर ही आवास का निर्माण दिखाकर रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है। इतना ही नहीं भ्र्ष्टाचार के आकंठ में डूबे भ्रष्टाचारियों ने सात साल पहले मृत हो चुके महिला के नाम पर फर्जी तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का रुपये की निकासी कर ली। जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी मृतका के घरवालों को मिली तो मृतका के पोते जीतेन्द्र कुमार ने मनेर के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन प्रसाद एवं पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक समेत पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराया है। दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि मनेर प्रखंड के किता चौहत्तर पूर्वी पंचायत के दुधैला गांव निवासी सरस्वती देवी पति स्व0 रामप्रवेश सिंह की मृत्यु आज से सात साल पूर्व वर्ष 2013 में हो चुकी है। लेकिन इनके नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की राशि चालीस-चालीस हजार कर दो किश्तों में अस्सी हजार रुपये की निकासी कर ली गई है। यह निकासी पंजाब नैशनल बैंक मनेर शाखा में सरस्वती देवी के नाम पर खाता खोलकर हुई है। पहली किस्त की निकासी 4 मार्च 2020 एवं दूसरी किस्त की निकासी 14 सितम्बर 2020 को की गई है। सरस्वती देवी के मृत होने की पुष्टि सरपंच तिभुवन राय एवं वार्ड सदस्य बिमला देवी ने अपने लेटर पैड पर भी लिखकर की है.

दर्ज प्राथमिकी की पुष्टि करते हुए मनेर थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पांच लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।जिसका कांड संख्या 48/2021 है। मामले की अनुसंधान की जा रही है। इसमें बीडीओ चंदन प्रसाद, आवास सहायक जुबैर खान, आवास पर्यवेक्षक राजीव कुमार एवं लेखपाल निशांत कुमार के अलावे पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक को अभियुक्त बनाया गया है। वहीं इस मामले में पूछे जाने पर मनेर प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन प्रसाद ने बताया कि आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।