फुलवारीशरीफ, अजित। फुलवारी शरीफ के चर्चित अनवर आलम उर्फ अनवार दिराहा हत्याकांड का मुख्य आरोपी आफताब मलिक उर्फ आफताब आलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आफताब मलिक पटना जिले के टॉप 10 अपराधियों में शुमार रहा है. फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नौसा स्थित सन-साइन अपार्टमेंट में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया. पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और जमीन से संबंधित कुछ कागजात बरामद किए हैं।
सिटी एसपी (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 19 मई 2025 को फुलवारी शरीफ के इमारत-ए-शरिया के पास जमीन कारोबारी सह किसान अनवर आलम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में फुलवारी शरीफ थाना कांड संख्या 779/25, दिनांक 19.05.2025, धारा 103(1)/61(2) भारतीय न्याय संहिता-2023 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. घटना के बाद से ही नामजद आरोपी आफताब मलिक फरार चल रहा था. पुलिस कई महीनों से उसकी तलाश कर रही थी।
सीसीटीवी फुटेज में हत्या की पूरी वारदात कैद हुई थी, जिसके आधार पर इससे पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. वहीं, मुख्य आरोपी आफताब मलिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. रविवार को मिली गुप्त सूचना के बाद थानाध्यक्ष फुलवारी शरीफ गुलाम शहबाज आलम के नेतृत्व में टीम गठित कर नौसा स्थित सन-साइन अपार्टमेंट में छापा मारा गया, जहां से आफताब मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अपराधी आफताब मलिक उर्फ आफताब आलम, पिता महताब आलम उर्फ महताब, साकिन कर्बला, थाना फुलवारी शरीफ, जिला पटना का निवासी है. पुलिस ने बताया कि वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और राजधानी पटना के कई थानों में उस पर दर्जनों मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, हमला और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामले शामिल हैं.सिटी एसपी ने बताया कि आफताब मलिक को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. पुलिस उसे रिमांड पर लेकर फुलवारी शरीफ और पटना के आसपास हुई अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में पूछताछ करेगी. गिरफ्तारी के बाद इलाके में पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
आफताब मलिक का आपराधिक इतिहास के बारे में बताया गया कि उसके खिलाफ पिरबहोर, फुलवारी शरीफ और अन्य थानों में दर्ज कुल 10 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले हैं. इनमें 2017 से लेकर 2024 तक हत्या के प्रयास, अवैध हथियार, रंगदारी और हिंसक झड़प जैसे प्रकरण दर्ज हैं। छापेमारी दल. पु.नि. सह थानाध्यक्ष गुलाम शहबाज आलम, फुलवारी शरीफ थाना के साथ शिवशंकर कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।
