बिहार

23 अक्टूबर को रबी महाभियान सह राज्यस्तरीय रबी कर्मशाला एवं किसान चौपाल का मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखा कर करेंगे शुभारम्भ

फूलवारीशरीफ(अजीत यादव): मंगलवार को कृषि विभाग द्वारा रबी महाभियान – सह – राज्यस्तरीय रबी कर्मशाला 2021 आयोजन बामेती , पटना के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह एवं गन्ना उद्योग विभाग मंत्री प्रमोद कुमार ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया । वही इस मौके पर बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा रबी महाभियान – सह – राज्यस्तरीय रबी कर्मशाला 2021 का पटना में हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुभारंभ करेंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गयी है.

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और बिहार की सरकार कृषकों की आय में बढोत्तरी करने के लिए कई योजनाओं को सफलतापूर्वक चला रही है। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए प्रखंड से पंचायत और जिलास्तरीय कार्यक्रम चलाएं । उन्होंने कहा कि रबी मौसम में फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता। बढ़ाने हेतु विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् अनुदान उपलब्ध कराने हेतु इसका व्यापक प्रचार – प्रसार करने के लिए जिला , प्रखंड स्तर पर रबी महाभियान का आयोजन किया जायेगा । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिट्टी की उर्वरा शक्ति , स्वच्छ जल तथ पर्यावरण के प्रति काफी सजग रहते है । इसी का परिणाम है कि आज राज्य में जल – जीवन- हरियाली , जैविक कोरिडोर और फसल अवशेष प्रबंधन पर विशेष योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही है ।उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रबी मौसम में संचालित होने वाली योजनाओं , कृषि एवं कृषि से सम्बद्ध नवीनतम तकनीकों यथा रबी मौसम में बुवाई की जाने वाली फसलों की वैज्ञानिक , समेकित कीट प्रबंधन , समेकित पोषक तत्व प्रबंधन , फसल अवशेष प्रबंधन , समसामयिक समस्याओं की जानकारी एवं वैज्ञानिकों द्वारा समाधान , कृषक उत्पादक संगठन के गठन , आत्मा द्वारा संचालित कार्यक्रमों , प्रशिक्षण / परिभ्रमण , किसान पुरस्कार कार्यक्रम , किसान पाठशाला , किसान गोष्ठी , किसान मेला आदि से संबंधित कृषकों के बीच प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक रबी महाभियान एवं किसान चैपाल का आयोजन कर प्रभावशाली ढंग से प्रचारित – प्रसारित किया जाएगा । प्रत्येक किसान चैपाल में 150 किसान भाग लेंगे । इससे किसान योजनाओं , नवीनतम तकनीक की जानकारी लेकर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर सकेंगे , जिनसे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे खुशहाल होंगे.

मंत्री ने बताया कि अधिकारीयों को किसानों प्रशिक्षित करने की जरूरत है ताकि किसान भाई अत्याधुनिक तकनीको का इस्तेमाल कर कम लागत में आय दुगुनी कर सकें। आगे बताया कि रबी / गरमा मौसम , 2021-22 में 45.10 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न फसलों की खेती से 153.35 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्म निर्धारित किया गया है । गेहूँ फसल के लिए 23 लाख हेक्टेयर मं खेती से कुल 72 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है । रबी मक्का में 5 लाख हेक्टेयर में खेती के लिए कुल 42.75 लाख मैट्रिक टन में उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । गरमा मक्का के लिए 2.75 लाख हेक्टेयर में खेती से कुल 16.50 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । दलहन के लिए 12.10 लाख हेक्टेयर में खेती से कुल 14.55 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है । बोरो एवं गरमा धान फसल के लिए 2.00 लाख हेक्टेयर में आच्छादन तथा 7.20 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । जौ फसल के लिए 0.25 लाख हेक्टेयर में खेती से कुल 0.35 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है । रबी / गरमा वर्ष 2021-22 में तेलहन का 2.20 लाख हेक्टेयर में खेती के लिए 3.90 लाख मैट्रिक टन तेलहन उत्पादन का लक्ष्म् निर्धारित किया गया है । नहर के सुदूर क्षेत्र , जहाँ कम पानी रहने की संभावना बनी है , वहाँ तेलहनी फसलों की खेती की जाये । समेकित कीट – व्याधि प्रबंधन , प्रत्यक्षण एवं कृषक प्रशिक्षण कराकरतेलहनी फसलों की खेती में अपनायी जाये । कहा कि वैज्ञानिक आवश्यक तकनीकी ज्ञान से किसानों को अवगत कराते हैं , जिनसे किसानों को उनके कृषि जलवायु क्षेत्र के अनुसार उनके द्वारा किये जा रहे कृषि कार्यों में नई तकनीक अपनाने में सहयोग प्राप्त होता है.

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गन्ना उद्योग विभाग मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार बिहार देश का पहला राज्य है , जहाँ गन्ना आधारित इथनॉल नीति लागू किया गया है । गन्ना के साथ दलहन एवं तेलहन की अंर्तवर्ती खेती से राज्य में गन्ना के साथ – साथ दलहन एवं तेलहन के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी । इस रबी महाभियान में गन्ना बहुल क्षेत्रों के किसानों को अंर्तवर्ती खेती के फायदे के बारे में जागरूक किया जाये । साथ ही , उन्होंने कहा कि गन्ना के कटाई के उपरान्त जीरो टिलेज पद्धति से गेहूँ की खेती करने से गेहूँ के उत्पादकता में बढ़ोतरी होगी.

कार्यक्रम में कृषि विभाग के सचिव डॉ ० एन ० सरवण कुमार ने कहा कि कृषि रोड मैप के तहत् निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बड़े पैमाने पर योजनाएँ क्रियान्वित की गई है , जिससे राज्य में विशेष कर गेहूँ , धान एवं मक्का के बीज प्रतिस्थापन दर में प्रति वर्ष निर्धारित लक्ष्य से अधिक हासिल किया गया है. उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारी एवं बिहार राज्य बीज निगम को यह निदेष दिया कि विषेष अभियान चलाकर सही समय पर उच्च गुणवत्ता के बीज किसानों को होम डिलीवरी एवं सामान्य तरीके से आपूत्रित की जाये । कृषि निदेशक राजीव रौशन ने स्वागत संबोधन में कहा कि उर्वरक पर सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति , प्रबंधन तंत्र तथा उर्वरकों के विभिन्न विकल्पों के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया । इस कार्यक्रम में बिहार कृषि विष्वविद्यालय , सबौर के कुलपति डॉ ० अरूण कुमार , ईखायुक्त गिरिवर दयाल , विशेष सचिव बिजय कुमार , निदेशक उद्यान नन्द किशोर , अपर निदेशक ( शष्य ) धनंजयपति त्रिपाठी , निदेशक , भूमि संरक्षण बैंकटेश नारायण सिंह , निदेशक पी ० पी ० एम ० अशोक प्रसाद , निदेशक , बसोका सुनील कुमार पंकज , निदेशक , बामेती , डॉ ० जीतेन्द्र प्रसाद , उप निदेशक , सूचना रविन्द्र कुमार वर्मा , दोनों कृषि विश्वविद्यालयों के कृषि वैज्ञानिक , मुख्यालय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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