बिहार

आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा बच्चों को दिया जा रहा पोषाहार

पूर्णिया(न्यूज क्राइम 24): बढ़ते ठंड के कारण अगले आदेश तक के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। सभी सेविकाओं द्वारा घर घर जाकर बच्चों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा अपने पोषक क्षेत्रों के 0 से 6 वर्ष के सभी बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच भी की जा रही है। लोगों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना व मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की भी जानकारी दी जा रही है साथ ही कैंप का आयोजन करते हुए लक्षित लाभार्थी को लाभांवित के लिए आवेदन भी लिया जा रहा है l

गृह भ्रमण के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की हो रही जांच

आईसीडीएस डीपीओ रजनी गुप्ता ने बताया कि बेहतर पोषण व स्वास्थ्य जांच नहीं होने से बच्चे कुपोषण की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं। इसे खत्म करने के लिए आईसीडीएस द्वारा बच्चों को नियमित रूप से पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

बढ़ते ठंड के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान सभी सेविकाओं द्वारा घर घर जाकर बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराई जा रही है।

सेविकाओं द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच भी की जा रही है जिसमें बच्चों के वजन, लंबाई व ऊंचाई की देखरेख की जा रही है। इससे बच्चों के पोषण स्थिति का पता चलेगा। इस दौरान कुपोषण से ग्रसित बच्चों को बेहतर निगरानी के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जाता है ।

गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को भी स्वास्थ्य व पोषण की मिल रही जानकारी

पोषण अभियान के जिला परियोजना सहायक सुधांशु कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आहार में विविधता की जरूरत होती है। इसलिए सेविकाओं द्वारा गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण सम्बंधित जानकारी दी जा रही है।

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गर्भवती महिलाओं को अपने आहारों में ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया जा रहा है जिसमें प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट एवं वसा की अत्यधिक मात्रा उपलब्ध हो। पोषण के रूप में घर के आसपास या खेतों से हरी पत्तीदार सब्जियां, जो आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं,पोषण वाटिका लगाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना हेतु किया जा रहा विशेष कैम्प का आयोजन

सेविकाओं द्वारा गृह भ्रमण के दौरान लोगों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की भी जानकारी दी जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण के समय प्रथम क़िस्त के रूप में 1000 रुपये की राशि दी जाती हैं

वहीं दूसरी क़िस्त के रूप में 2000 रुपये की राशि प्रसव से पूर्व दी जाती हैं। अंतिम व तीसरे क़िस्त के रूप में 2000 रुपये दिया जाता है, जब बच्चे का जन्म, पंजीकरण व सभी तरह के टीकाकरण का प्रथम चक्र पूरा हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान ही जननी सुरक्षा योजना के तहत एक हज़ार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाती है । इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से हर साल 03 कन्याओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना का लाभ परिवार की केवल दो प्रथम क्रम की कन्या संतानों को दिया जाता है। इसके तहत लाभार्थियों को दो किश्तों में 3000 रुपये का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

आईसीडीएस डीपीओ रजनी गुप्ता ने सभी सेविकाओं को विशेष कैम्प के अंतर्गत अपने पोषक क्षेत्र के लाभार्थियों को दोनों योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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