पटना, विक्रम कुमार : आगामी 26 जून को संभावित मुहर्रम पर्व को लेकर बिहार सरकार फुल अलर्ट पर है। सोमवार शाम 5:30 बजे मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP की अध्यक्षता में हाई लेवल बैठक हुई। राज्य के सभी DM-SSP-SP को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़कर कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द के सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के 4 बड़े आदेश:
- 100% लाइसेंस जरूरी:
“राज्य के सभी जिलों में कोई भी मुहर्रम जुलूस बिना पूर्व लाइसेंस के नहीं निकलेगा।” गैर-पारंपरिक मार्गों पर खास नजर रहेगी।
- शांति समितियां होंगी मजबूत:
संवेदनशील थानों-अनुमंडलों में तुरंत शांति समितियों की बैठक बुलाई जाए। असामाजिक तत्वों की पहचान में स्थानीय सदस्यों की मदद ली जाएगी।
- DJ-भड़काऊ गानों पर पूर्ण बैन:
जुलूस के लाइसेंस की मुख्य शर्त- DJ का प्रयोग, सांप्रदायिक नारेबाजी और उत्तेजक/भड़काऊ गानों पर पूरी तरह रोक।
- लाउडस्पीकर की लिमिट तय:
निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई। रात में प्रतिबंधित समय पर लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत नहीं।
डीजीपी के 5 सुरक्षा निर्देश:
- संवेदनशील इलाकों में सघन गश्त:
थानावार चिन्हित सांप्रदायिक हॉटस्पॉट्स में विशेष पुलिस गश्ती। विवादास्पद मार्गों पर कड़ी नजर।
- सोशल मीडिया पर 24/7 साइबर निगरानी:
धर्म-जाति-समुदाय के बीच घृणा फैलाने वाली पोस्ट पर BNS की धाराओं में तुरंत FIR होगी।
- उपद्रवियों की तुरंत गिरफ्तारी:
शांति भंग करने का इरादा रखने वालों को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। असामाजिक कृत्य पर गैर-जमानती धाराओं में गिरफ्तारी।
- हथियार-झांकी पर रोक:
विवादास्पद या आपत्तिजनक झांकी/व्यंग्य चित्रों पर बैन। लाइसेंस के दायरे से बाहर घातक, धारदार या गैर-कानूनी हथियारों के खुले प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध। आयोजकों से सुरक्षा बंधपत्र भरवाना अनिवार्य।
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा:
किसी भी धर्म के स्थल को नुकसान पहुंचाने या अपवित्र करने की कोशिश करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।
सरकार की अपील:
बिहार सरकार ने नागरिकों से मुहर्रम पर्व को पारंपरिक, शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
