बिहार

पोषण पखवाड़े अंतर्गत बायसी प्रखंड में आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा आयोजित किया गया “नवांकुर संगम” मेला

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) जिले के बायसी प्रखंड के खपड़ा पंचायत अंतर्गत ग्वालगाँव स्थित मध्य विद्यालय परिसर में आज पोषण पखवाडा के अवसर पर ECD कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नवांकुर संगम’ मेले का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह अपने प्रकार का जिले में अनोखा आयोजन रहा, जिसका उद्देश्य बाल्यावस्था के शुरुआती वर्षों में बच्चों के समग्र विकास – मानसिक, सामाजिक, बौद्धिक एवं भावनात्मक को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW), आशा (ASHA), एएनएम (ANM), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी(CHO), शिक्षकों, स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिसनेय बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति सामुदायिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

मेले में लगाया गया 14 थीम आधारित स्टॉल :

मेले में 14 थीम आधारित अनुभवात्मक स्टॉल लगाए गए, जिनमें ब्रेन-वायरिंग, दर्पण खेल, स्पर्श एवं ध्वनि पहचान, कठपुतली के माध्यम से कहानी, रंग पहचान, चित्रकारी एवं बच्चों के पोषण एवं खान-पान से सम्बंधित गतिविधियां प्रमुख रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके सिखाए गए, ताकि वे घर पर ही बच्चों के सीखने और विकास को खेल-खेल में प्रोत्साहित कर सकें। साथ ही, स्वास्थ्य एवं पोषण स्टॉलों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच, वृद्धि निगरानी, पोषण परामर्श तथा हाथ धोने का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष बल दिया गया।

मेले में स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण, प्रारंभिक सीख एवं उत्तेजना तथा उत्तरदायी देखभाल घटकों का किया गया संचरित :

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इस आयोजन को ईसीडी (Early Childhood Development) के “Nurturing Care Framework” के पाँच प्रमुख घटकों – स्वास्थ्य (Good Health), पोषण (Adequate Nutrition), सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण (Safety & Security), प्रारंभिक सीख एवं उत्तेजना (Early Learning & Stimulation) तथा उत्तरदायी देखभाल (Responsive8 Caregiving) – के आधार पर संरचित किया गया। प्रत्येक स्टॉल को आयु-विशिष्ट (0–3 वर्ष एवं 3–6 वर्ष) विकासात्मक माइलस्टोन के अनुरूप डिज़ाइन किया गया, जिससे अभिभावकों को व्यावहारिक, चरणबद्ध एवं संदर्भ-उपयुक्त सीख प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, बच्चों की स्क्रीनिंग एवं रेफरल प्रणाली को मजबूत करने हेतु RBSK (Rashtriya Bal Swasthya Karyakram) से समन्वय स्थापित किया गया, ताकि संभावित विकासात्मक विलंब एवं विकारों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। डेटा आधारित निगरानी के लिए उपस्थिति पंजीकरण, सेवा प्रदाय (service uptake) एवं अभिभावक सहभागिता से संबंधित सूचनाओं का संकलन भी किया गया, जिससे भविष्य में कार्यक्रम की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।

कार्यक्रम का उद्घाटन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जीनत यास्मिन, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मो शहनवाज आलम द्वारा किया गया। इस मेले में श्री सुरेंद्र तांती (प्रखंड विकास पदाधिकारी, बैसी) एवं इस अवसर पर ICDS विभाग से महिला पर्यवेक्षिका, खपड़ा, मल्हारिया, चरैया, हरिन्तोड़ पंचायत की आंगनवाडी सेविका, मुखिया बीबी तराना के साथ डॉ. राघवेंद्र कुमार (राज्य सलाहकार, ECD), अमित कुमार, कार्यक्रम सहायक, निधी भारती- जिला पोषण सलाहकार- एवं जिला अनीमिया मुक्त भारत सलाहकार- शुभम गुप्ता, ईसीडी टीम पूर्णिया—नवल, अजय, अशोक एवं सोमनाथ तथा पलासी—उत्सव, गोविंद, सुनील तथा स्वास्थ्य विभाग से CHO एवं ANM की सक्रिय सहभागिता रही। सहित यूनिसेफ ईसीडी टीम, विद्यालय के प्रधानाध्यक सहित सभी शिक्षकों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों की संख्या मे अभिभावक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को समझा :

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को समझा, सीखा और उन्हें अपने घरों में अपनाने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई।8 उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल अभिभावकों में जागरूकता बढ़ती है, बल्कि व्यवहार परिवर्तन को भी बढ़ावा मिलता है, जो बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘नवांकुर संगम’ ने यह सिद्ध किया कि जब समुदाय, सरकारी तंत्र और विकास सहयोगी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन संभव है। यह आयोजन भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

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