फुलवारीशरीफ, अजित। पटना बेउर थाना क्षेत्र के तेज प्रताप नगर रोड नंबर-2 स्थित सेवा कुटीर-2 में रह रहे मानसिक रोगी उमेश सिंह के रहस्यमय ढंग से गायब होने का मामला सामने आया है. परिजन का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.परिजन अब भी अपने भाई की सलामती को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शेखपुरा बगीचा, थाना शास्त्रीनगर निवासी रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उनका सहोदर भाई उमेश सिंह पहले कोईलवर मानसिक अस्पताल में थे, जहाँ से उन्हें पुनर्वास के लिए सेवा कुटीर-2, बेउर पटना भेजा गया था. अगस्त 2024 तक परिवार के सदस्य उनसे मिलने जाया करते थे, लेकिन बाद में संस्थान के कर्मचारियों ने यह कहते हुए मिलने से रोक दिया कि उमेश सिंह परिजनों को देखकर उग्र हो जाते हैं।
रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने 14 सितंबर 2025 को बेउर थाना में लिखित शिकायत दी थी. उनका कहना है कि जब वे 14 सितंबर को सेवा कुटीर-2 पहुँचे तो संचालक सतीश कुमार ने गोलमोल जवाब दिया और स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे. परिवार को संदेह है कि उमेश सिंह के साथ कोई अनहोनी हुई है और सच्चाई को छिपाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सेवा कुटीर में उनका पता और मोबाइल नंबर दर्ज होने के बावजूद किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई. परिवार ने आशंका जताई कि मामले की गहराई से जांच नहीं की गई तो सच्चाई दब जाएगी. परिजनों ने मुख्यमंत्री, समाज कल्याण विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
इस बीच जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पटना की रिपोर्ट में कहा गया है कि उमेश सिंह सेवा कुटीर-2 में रह रहे हैं और उन्हें परिवार के साथ पुनर्वासित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है. हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी या प्रमाण नहीं मिला है।
