पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम नई मतदाता सूची में जिस मकान संख्या 110 के अंतर्गत दर्ज किया गया है, उसमें उनके स्थान पर एक अन्य व्यक्ति श्री मंटू कुमार, पिता नरेश राम का नाम दर्शाया गया है।
प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब उक्त मकान में तेजस्वी यादव के परिवार के अन्य सदस्यों, माता-पिता आदि का नाम सही तरीके से दर्ज है, तो तेजस्वी यादव का नाम अलग क्यों रखा गया? उन्होंने इसे “बड़ी साजिश” करार देते हुए कहा कि इसमें भाजपा-जदयू की मिलीभगत स्पष्ट रूप से नजर आती है।
एजाज अहमद ने कहा, “यह मज़ाक नहीं बल्कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। जब नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के साथ इस प्रकार की चूक हो सकती है, तो आम मतदाता की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जबसे इस मामले को उठाया गया है, भाजपा और जदयू के प्रवक्ता चुनाव आयोग का बचाव करते नजर आ रहे हैं, जो दर्शाता है कि कहीं न कहीं ‘साठगांठ’ है।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय को यह भरोसा दिया था कि एसआईआर (SIR) प्रणाली के तहत सभी परिवारों के नाम एक ही भवन संख्या में एकत्रित किए जाएंगे, लेकिन तेजस्वी यादव के मामले में इसे भी नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की यह कार्यशैली न केवल निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गंभीर हस्तक्षेप का संकेत भी देती है। अंत में उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर आयोग इतनी हड़बड़ी में क्यों है और किसके दबाव में काम कर रहा है? उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
