बिहार

मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे जदयू नेताओं को पुलिस ने रोका, थाने पहुंचकर समर्थकों ने जताया विरोध

फुलवारीशरीफ, अजित। नदियावां में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपनी मांग रखने की तैयारी कर रहे जदयू नेताओं और किसानों को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया. इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और किसान परसा बाजार थाना पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे.कुछ देर के लिए थाने पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

बताया जाता है कि पुनपुन प्रखंड के किसान और जदयू कार्यकर्ता सेंट्रलाइज्ड टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाना चाहते थे. पुलिस को इसकी भनक मिलने के बाद मंगलवार रात से ही कई लोगों को एहतियातन हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई.बुधवार सुबह भी कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर परसा बाजार थाना में रखा गया, जहां उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने तक रोका गया।

हिरासत में लिए गए लोगों में जदयू के पटना जिला ग्रामीण सचिव ओम प्रकाश सिंह, राजेश कुमार, मनीष कुमार, पप्पू कुमार, संजय सिंह और टुट्टू कुमार समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे.सभी लोग अलग-अलग गांवों से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखने पहुंचे थे।

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थाना पहुंचे किसानों और जदयू नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं था. वे केवल मुख्यमंत्री से मिलकर टाउनशिप परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे.उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं. कई किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी कठिन हो गया है।

नेताओं ने कहा कि पूर्व में जब मुख्यमंत्री पुनपुन क्षेत्र के दौरे पर आते थे, तब स्थानीय लोग अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखते थे और समाधान की उम्मीद भी रहती थी.इस बार भी वे प्रभावित किसानों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया और पहले ही हिरासत में ले लिया गया। सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ दिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाया गया था।

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