गया, (न्यूज़ क्राइम 24) पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गयाजी विकास वैभव के 12 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले तीन महीनों में मगध क्षेत्र के गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा और अरवल जिलों में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था, पुलिस जवाबदेही और जन-केंद्रित पुलिसिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने पदभार संभालने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, अपराध की धाराओं को कम करने, अवैध वसूली, महत्वपूर्ण घटनाओं की सूचना में देरी और जांच में निष्पक्षता की कमी जैसी शिकायतों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का निर्देश दिया। लंबित कांडों के निष्पादन, वारंट-कुर्की, भूमि विवाद, यातायात व्यवस्था और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी गई।
जनता दरबार में 10,450 से अधिक लोगों की सुनी समस्याएं-
मगध क्षेत्र के IG कार्यालय में नियमित जनता दरबार आयोजित किया गया। पिछले तीन महीनों में 10,450 से अधिक लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान 3,210 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर विधि-सम्मत कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इसके अलावा 417 महत्वपूर्ण कांडों और 75 महत्वपूर्ण आवेदनों से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा की गई।
12 पुलिस पदाधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई-
पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मामलों में 12 पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया। इनमें प्राथमिकी दर्ज नहीं करने, अनुसंधान में लापरवाही, एकतरफा कार्रवाई, रिश्वत मांगने और गंभीर मामलों की जांच में संदिग्ध कार्यशैली जैसे आरोप शामिल हैं।
गंभीर मामलों में SIT का गठन-
गंभीर और संवेदनशील कांडों के त्वरित उद्भेदन के लिए पिछले तीन महीनों में 6 विशेष अनुसंधान दल (SIT) गठित किए गए। इनमें स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड, अपहरण, चोरी और औरंगाबाद के बारूण में कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या जैसे मामले शामिल हैं।
औरंगाबाद के ओबरा थाना कांड में अपहृत बच्चों की सकुशल बरामदगी भी पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रही। इसी मामले में करीब चार वर्ष पूर्व अपहृत एक बालक को भी सकुशल बरामद किया गया।
महत्वपूर्ण घटनास्थलों का IG ने किया निरीक्षण-
नवादा में पुलिस बल पर हमला, गया के गुरुआ में स्वर्ण व्यवसायी से लूट, जहानाबाद के भेलावर में हत्या, घोषी में गोलीबारी और औरंगाबाद के बारूण में कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या सहित कई गंभीर घटनाओं के घटनास्थल का पुलिस महानिरीक्षक ने स्वयं निरीक्षण किया और त्वरित अनुसंधान एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
लोक संवाद से मजबूत हुआ पुलिस-जन संबंध-
मगध क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोक संवाद गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें आम लोगों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी भारतीयों, पर्यटकों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की समस्याओं को सुना गया। अगस्त 2026 से प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण लोक संवाद गोष्ठी अब प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने के लिए गया के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस महानिरीक्षक ने स्वयं लोगों से संवाद किया और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
विधि-व्यवस्था और गश्त की समीक्षा-
गया के पुलिस कंट्रोल रूम, ERSS, QRT और यातायात चेकपोस्ट का निरीक्षण कर वाहन चेकिंग, यातायात नियमों और अपराध नियंत्रण को लेकर निर्देश दिए गए। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया गया तथा विभिन्न जिलों में रात्रि और सुबह की गश्ती की भी समीक्षा की गई।
जहानाबाद में जून में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान भी पुलिस व्यवस्था की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद 24 से 26 जून तक प्रस्तावित भारत बंद के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था और जनजीवन सामान्य बनाए रखने में पुलिस को सफलता मिली।
बेगूसराय के पुराने मामले का भी हुआ उद्भेदन-
पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेगूसराय के वीरपुर थाना कांड संख्या 49/2021 का पुनः अनुसंधान मगध क्षेत्र के IG को सौंपा गया। इसके बाद SIT का गठन कर मामले का उद्भेदन किया गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की ओर से बताया गया कि कानून का राज स्थापित करने, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने और आम लोगों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसा विश्वासयुक्त माहौल बनाने का प्रयास है, जिससे क्षेत्र में निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
