बिहार

पर्यावरणविद गुरुदेव श्री प्रेम ने प्रधानमंत्री से की बोधगया गौ आश्रम की सुरक्षा की मांग

पटना, अजीत : बोधगया के मुसुण्डा स्थित श्री नन्दी गौ सेवा धाम को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है. एक ओर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री प्रेम कुमार हाल ही में आश्रम पहुंचकर संचालिका संगीता बहन के सेवा कार्यों की सराहना कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी और सी.ओ. उन्हीं को धमकाने और परेशान करने में जुटे हैं. इस मामले को लेकर भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रख्यात पर्यावरणविद व शिक्षा विद गुरुदेव श्री प्रेम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

गुरुदेव श्री प्रेम ने अपने पत्र में कहा है कि महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा 1882 में शुरू किया गया गोरक्षिणी आंदोलन आज भी अधूरा है. देशभर में करीब 50 लाख लावारिस और बीमार गौवंश सड़कों पर दर-दर भटक रहे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को दी गई है. इसके बावजूद न तो जिला प्रशासन और न ही राज्य या केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीर दिख रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सहयोग से संगीता बहन जिस निष्ठा से मुसुण्डा में गौ सेवा आश्रम चला रही हैं, उसी को स्थानीय प्रशासन बाधित कर रहा है. जबकि जनता और जनप्रतिनिधियों से लेकर मंत्रियों तक ने इस आश्रम के काम को सराहा है.

Advertisements
Ad 1

गुरुदेव श्री प्रेम ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देशभर के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में लावारिस गौवंश की स्थिति पर प्रतिवेदन मांगा जाए और बिहार सरकार भी इसी आधार पर राज्य में रिपोर्ट तैयार कर समाधान सुनिश्चित करे.

उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा और गौ सेवकों की सुरक्षा ही राष्ट्रहित में सबसे जरूरी है. यदि सरकार समय रहते ठोस कदम नहीं उठाती तो गौ संरक्षण का सपना अधूरा रह जाएगा.

Related posts

इलाज के साथ स्वच्छता का संकल्प : एम्स पटना में स्वच्छता पखवाड़ा शुरू

पत्रकारों से बदसलूकी मामले में नौबतपुर थानेदार पर जांच, डीजीपी ने आईजी को दिया आदेश

स्वास्थ्य मंत्री के हाथों नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने की दिशा में डिजिटल प्लेटफॉर्म का हुआ शुभारंभ

error: