पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के नेता एजाज अहमद ने पार्टियों के नाम पर चंदा इकट्ठा करने और चंदा चोरी करने वाले को भाजपा में शामिल कराने की राजनीति का मकसद क्या है भाजपा को सामने आकर बताना चाहिए क्योंकि 2014 के पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता कहते थे कि स्विस बैंक में जो काला धन जमा है उसे वापस भारत लाने का काम करूंगा। लेकिन इधर हाल के दिनों में हो क्या रहा है आम जनमत पार्टी बनाई जा रही है पटना, बिहार के पता पर और बाद में इसे अहमदाबाद, गुजरात की पार्टी बनाया जाता है और पहले साल में 217 करोड़ चंदा आते हैं और दूसरे साल में 620 करोड़ का चंदा इकट्ठा होता है पहले जिसने पार्टी बनाया था वह भाजपा की अब बिहार की उपाध्यक्ष है।
इसी से स्पष्ट होता है की किस तरह का पार्टी बनाने के नाम पर चंदा का खेल चल रहा है और इस तरह के खेलों में जो लोग शामिल हैं वह पहले पार्टी बनाते हैं बाद में भाजपा में शामिल हो जाते हैं इस तरह की गुजरात बेस पार्टियों के माध्यम से 1500 करोड रुपए से ऊपर के चंदा इकट्ठा किए गए हैं और इन पार्टियों का ना कार्यालय का पता ना पदाधिकारी का पता है, लेकिन इन पार्टियों के नाम पर 1500 करोड रुपए चंदा आ गए है और जो इस तरह के चंदा में संलिप्त लोग हैं वह बाद में भाजपा में शामिल हो जा रहे हैं आखिर इस तरह का खेल का मकसद क्या है।
इस मामले पर ना तो सीबीआई सक्रिय है न ईडी और ना ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ऐसा लगता है कि चंदा चोरी करने वाली पार्टियों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है और ऐसी पार्टियों को चलाने वाले चंदा इकट्ठा करके और चंदा चोरी करके भाजपा में शामिल हो रहे हैं इस तरह के खेल के बाद भी भाजपा के नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। देश के अंदर एक नए तरह की राजनीति का प्रयोग भाजपा के द्वारा किया जा रहा है वह भी गुजरात सरकार के संरक्षण में यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है, क्योंकि ऐसी पार्टी चलाने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और ना ही इस पर सरकार ने संज्ञान लिया है।
