बिहार

मुख्यमंत्री फेलोज़ निभाएंगे अहम भूमिका : 106 फेलोज़ का ओरिएंटेशन, ₹80 हजार से ₹1.5 लाख तक मिलेगा मानदेय

पटना, नरेश अग्रवाल : मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चयनित 106 फेलोज़ के लिए गुरुवार को अधिवेशन भवन, पुराना सचिवालय में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। सामान्य प्रशासन विभाग के तहत बीपीएसएमएस ने IIM बोधगया के सहयोग से कार्यक्रम कराया।

कार्यक्रम में बड़े बयान :

ACS डॉ. बी. राजेन्दर बोले :

विकसित बिहार 2047 इस योजना की आधारशिला है। 2047 के बिहार की परिकल्पना साकार करने में युवा फेलोज़ का योगदान अहम होगा। यह केंद्रित शिक्षण-सहभागिता कार्यक्रम है। फेलोज़ सीखेंगे भी और सुशासन में प्रत्यक्ष योगदान भी देंगे। मुख्यमंत्री फेलोशिप लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में बिहार है।”

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा :

डेटा आधारित परिवर्तन जमीनी स्तर पर दिखता है। सहयोग शिविर फेलोज़ के लिए उत्कृष्ट केस स्टडी है। अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य है। राष्ट्र सेवा की भावना से काम करें। भारत आर्थिक सर्वेक्षण और बिहार आर्थिक सर्वेक्षण जरूर पढ़ें।

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योजना की खास बातें :

  1. मंजूरी: मंत्रिपरिषद ने 09 सितंबर 2025 को योजना को स्वीकृति दी।
  2. उद्देश्य: प्रशासनिक सुधार, क्षमता निर्माण, नवाचार को बढ़ावा। युवा विषय विशेषज्ञों को नीति-निर्माण में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम का मौका।
  3. अवधि: 2 साल के लिए प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर संबद्ध।
  4. चयन: 121 पदों के विरुद्ध कठोर प्रक्रिया के बाद 106 फेलोज़ चयनित।

मानदेय संरचना :

  • ₹1.50 लाख/माह: मुख्यमंत्री सचिवालय/उपमुख्यमंत्री कार्यालय – 6 फेलोज़
  • ₹1.25 लाख/माह: मुख्य सचिव/विकास आयुक्त कार्यालय – 4 फेलोज़
  • ₹1 लाख/माह: सचिवालय विभाग – 40 फेलोज़
  • ₹80 हजार/माह: प्रमंडलीय आयुक्त, DM, नगर आयुक्त कार्यालय – 57 फेलोज़

IIM बोधगया की भूमिका :

सुशासन सुदृढ़ करने, योजना क्रियान्वयन सुधारने, लोक नीति प्रक्रिया सशक्त बनाने में सहयोग।

ओरिएंटेशन में फेलोज़ को योजना की रूपरेखा, कार्यदायित्व और प्रशासनिक भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई।

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