अररिया, रंजीत ठाकुर। फुलकाहा बाजार के वार्ड संख्या तीन निवासी रणजीत शर्मा की 26 वर्षीय पुत्री एवं बीएड की छात्रा प्रिया कुमारी का असामयिक निधन हो जाने से पूरा फुलकाहा बाजार शोक में डूब गया। शनिवार की रात पटना स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान प्रिया ने अंतिम सांस ली। बेटी के निधन की खबर मिलते ही परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में मची चीख-पुकार से माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
स्वजनों के अनुसार, प्रिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही थीं। जांच के बाद चिकित्सकों ने उनके ब्रेन में ट्यूमर होने की जानकारी दी थी। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन उन्हें पटना ले गए थे, जहां करीब 15 दिनों से अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। परिवार को भरोसा था कि इलाज के बाद प्रिया स्वस्थ होकर फिर अपने घर लौटेंगी और उनकी जिंदगी पहले की तरह खुशियों से भर जाएगी। लेकिन शनिवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
घर लौटने की उम्मीद थी, लेकिन लौटा बेटी का पार्थिव शरीर
प्रिया के जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद में परिवार के लोग अस्पताल में हर पल उनके लिए दुआ कर रहे थे। बीमारी से जूझ रही बेटी को बचाने के लिए परिजन लगातार इलाज में जुटे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस बेटी के स्वस्थ होकर लौटने का इंतजार हो रहा है, उसी का पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा।
शनिवार रात निधन के बाद रविवार को जब प्रिया का शव फुलकाहा स्थित उनके आवास पहुंचा तो परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। घर में हर तरफ चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी के अचानक चले जाने का सदमा परिवार के लिए असहनीय बन गया।
पढ़ाई पूरी कर भविष्य संवारने का था सपना
प्रिया कुमारी बीएड की पढ़ाई कर रही थीं। स्वजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार वह पढ़ाई को लेकर गंभीर थीं और अपने भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए थीं। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं। कम उम्र में बीमारी के कारण उनका इस दुनिया से चले जाना परिवार ही नहीं, बल्कि परिचितों और शुभचिंतकों के लिए भी गहरा आघात है। प्रिया के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। आसपास के लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। पूरे वार्ड में शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रिया का असामयिक निधन परिवार के लिए ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। जिस उम्र में एक बेटी अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही थी, उसी उम्र में उसका यूं चले जाना बेहद पीड़ादायक है। लोगों ने दिवंगत प्रिया कुमारी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
