बिहार

पीतल कुटीर उद्योग तथा जीविका एवं उद्योग विभाग के स्टॉल का बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किये निरीक्षण

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बिहटा(न्यूज क्राइम 24): बिहार मुख्यमंत्री द्वारा “समाधान यात्रा” के क्रम में आज पटना जिले के बिहटा प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत परेव में पीतल कुटीर उद्योग, जीविका एवं उद्योग विभाग के स्टाॅल तथा योजनाओं का निरीक्षण किया गया। परेब गांव पीतल उद्यम हब के लिए प्रसिद्ध है।

यहां लगभग 200 से अधिक परिवार प्रत्यक्ष रूप से इस उद्यम में लगे हुए हैं। 2,000 से अधिक सदस्य प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से पीतल बनाने के काम से जुड़े हैं। यह उद्यम इस क्षेत्र में एक पारंपरिक काम है। अधिकांश सदस्य जीविका से जुड़े हैं।

उन सभी को जीविका ग्राम संगठनों और समूहों द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है। उद्यमियों की माँग पर मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 60 लाख रुपए के विकास योजना की घोषणा की। इससे परेब गांव में पीतल उद्योग का विकास, कारीगरों की आय में वृद्धि एवं रोजगार सृजन में तीव्रता आएगी।

इस राशि से पीतल उद्योग के लिए अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित मशीनों तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की जाएगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए जमीन खोज लिया गया है। विकास योजना के क्रियान्वयन से कारीगरों की आय को 3 वर्ष में 4 गुना, मौजूदा टर्नओवर को 5 गुना एवं वर्तमान क्षमता से उत्पाद में 5 गुना वृद्धि आएगी।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार में उपस्थिति बढ़ेगी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग होगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उद्योग विभाग एवं जीविका को जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीतल कुटीर उद्योग में लगे लोगों को प्रशासन द्वारा सभी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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उनके गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और कौशल विकास की व्यवस्था की जा रही है। उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए एवं आसानी से बेचने के लिए बाजार लिंकेज एवं बाजार का अन्य मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिक से अधिक बिक्री के लिए उन्हें पर्यटन एवं अन्य विभागों के माध्यम से भी जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कुटीर उद्योग के लिए बिजली दर की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुटीर उद्योग में संलग्न उद्यमियों के लिए उचित दर पर बिजली उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से सोलर लाइट का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे बिजली की खपत भी कम होगी तथा कुटीर उद्योग में उत्पादों का लागत भी कम होगा। फलस्वरूप उद्यमियों की आमदनी भी बढ़ेगी।

गौरतलब है कि परेब गांव में वैष्णवी, खुशहाल और आस्था ग्राम संगठन के सदस्य पीतल उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परेब गांव की हस्तकला विश्व स्तर पर प्रसिद्ध ब्रांड के रूप में स्थापित होगी। सरकार पीतल कुटीर उद्योग के संरक्षण, संवर्द्धन एवं प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है।

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