पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान किया। सीएम ने कहा कि राज्य की 9 बंद चीनी मिलों का पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जाए। चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने का निर्देश भी दिया।
किन बंद मिलों को मिलेगी नई जिंदगी:
रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया एवं मोतिहारी। सीएम ने कहा कि इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां फिर शुरू होने से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और किसानों को सीधा फायदा होगा।
सीएम के 4 बड़े निर्देश:
- निवेश लाओ, उद्योग बढ़ाओ: बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण पर फोकस करें।
- चंपारण बने गन्ना हब: चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करें।
- किसान की आय डबल: गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और किसानों को बेहतर बाजार देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं।
- समन्वित प्लान बनाएं: किसानों की आय बढ़ाने, गन्ना उत्पादकता में वृद्धि और चीनी उद्योग को मजबूत करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करें।
सीएम का बयान:
“बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सरकार हरसंभव सहयोग देगी।”
बैठक में क्या हुआ:
गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने प्रेजेंटेशन के जरिए विभाग की योजनाओं, चीनी मिलों की मौजूदा स्थिति, गन्ना उत्पादन और नई नीति की जानकारी दी। बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत अन्य वरीय अफसर मौजूद रहे।
