बिहार

असम के युवक का पटना में सफलता पूर्वक हुआ कूल्हे का प्रत्यारोपण

पटना, अजीत। 1 साल से कूल्हे के दर्द से परेशान असम का रहने वाला युवक पटना पहुंचा और यहां पटना के सवेरा हॉस्पिटल में उसका कूल्हे का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया . ऑपरेशन के बाद युवक पूरी तरह स्वस्थ है और उसे दर्द से पूरी तरह राहत मिल गई है. युवक ने कहा कि असम में उसका इलाज नहीं हो पा रहा था . उसने यूट्यूब पर पटना में ऐसी परेशानी से मरीजों को राहत मिलने की खबर देखी तो पटना आ गया.

असम के इस नौजवान युवक के कुल्हे का प्रत्यारोपण डॉक्टर आशीष सिंह ने की.डॉक्टर आशीष सिंह जो कि जाने माने रोबोडिक आर्थोपेडिक सर्जन हैं.अनुप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन की विस्तृत शाखा आशीष ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सेंटर के संस्थापक सह मेडिकल डायरेक्टर आशीष सिंह ने अबतक 500 से अधिक सर्जरी की. जिसमें क़रीब 100 से भी अधिक उन्होंने ऐसे स्पेशल मरीज़ों की सर्जरी की जो कि काफ़ी चैलेंजिंग थी.आपको बता दें कि डाक्टर आशीष सिंह रोबोटिक सर्जरी के लिए ना सिर्फ़ देश ही बल्कि विश्व में डॉक्टरों को रोबोटिक सर्जरी के लिए वर्कशॉप में व्याख्यान देते हैं और कई जगहों पर किसी स्पेशल केस के लिए सर्जरी करने के लिए बुलाए जाते हैं.

डॉक्टर आशीष सिंह ने बताया कि 32 वर्षीय युवक निहार रंजन रॉय जो कि असम के रहने वाले हैं.इनके कुल्हे का प्रत्यारोपण किया गया. यहां इलाज के चौथे दिन बाद ही मरीज पहले की तरह खुद से चलने फिरने लगा और उसे दर्द से पूरी तरह राहत मिल गई थी. डॉ आशीष ने बताया कि यह बहुत ही चैलेंजिंग था और काफी दिनों से मरीज परेशानी में जी रहा था .

Advertisements
Ad 1

सर्जरी द्वारा कुल्हे के सफल इलाज के बाद स्वस्थ हुए निहार रंजन रॉय ने बताया कि लगभग एक साल से कुल्हे की दर्द से काफ़ी परेशानी में थे. साथ ही उन्होंने कहा कि कई जगह इलाज के बाद भी किसी तरह का आराम नहीं मिला बल्कि तकलीफ़ लगातार बढ़ती ही चली गई. सर्जरी के चौथे ही दिन वो बिल्कुल आराम से ख़ुद उठकर घूम फिर सकने से उनके चेहरे पर मुस्कुराहट दिख रही थी.वहीं ख़र्चे के सवाल पर निहार रंजन रॉय ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी में मेरा ज्यदा रुपया भी यहां खर्च नही हुआ. साथ ही यहां की स्वास्थ सेवाओं की भी काफ़ी तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि मुझे पहले ऐसा लगता था कि कभी ठीक नहीं हो पाऊंगा लेकिन अब लगता ही नहीं है कि कुल्हे में कभी दर्द भी था.

मरीज के परिजन उनके बड़े भाई बिरेश चंद्र रॉय ने कहा कि लगभग एक साल से मेरे भाई को चलने घूमने में काफी दिक्कत थी . उन्होंने कहा कि कुल्हे के प्रत्यारोपण के बाद भाई के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई है. उन्होंने डॉ आशीष सिंह को धन्यवाद कहा और स्वस्थ और सकुशल रहने की दुआ भी दी.

Related posts

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 21 IAS अधिकारियों का तबादला

बिहार : ‘AN कॉलेज पटना का बेस्ट कॉलेज बने, राष्ट्रीय पहचान बनाए’ : CM सम्राट चौधरी

सीएम सम्राट चौधरी, सीतामढ़ी में ₹1000 करोड़ से बनेगा मां सीता का भव्य मंदिर, 2030 तक हर गांव में PNG

error: