अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड के नवाबगंज पंचायत अंतर्गत फुलकाहा मेला प्लाट में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पावर सब स्टेशन के भवन निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में मानक सामग्री के बजाय निम्न गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानक के अनुसार लाल बालू का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसके स्थान पर स्थानीय उजली (सफेद) बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि उजली बालू के ऊपर लाल बालू की पतली परत डालकर उसे उच्च गुणवत्ता वाली बालू के रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई तो इससे भवन की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की प्रयोगशाला जांच कर दोषी पाए जाने वाले संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है। मामले पर विद्युत विभाग के कनीय अभियंता विनय कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य में उजली बालू का उपयोग नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी हो रही है तो विभागीय अधिकारियों की निगरानी और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री से की जाएगी। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ गंभीर समझौता किया जा रहा है, जिसकी समय रहते जांच आवश्यक है।
