फुलवारीशरीफ, अजीत। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 का भव्य आयोजन किया गया. इस वर्ष की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य- सशक्त नर्सें बचाती हैं जीवन” रही. कार्यक्रम में नर्सों की सेवा, समर्पण और मरीजों के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सम्मानपूर्वक याद किया गया। समारोह का सबसे प्रेरणादायक क्षण मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. रतीश नायर का संबोधन रहा. उन्होंने फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि देते हुए आधुनिक नर्सिंग सेवा में उनके योगदान को विस्तार से बताया. इस दौरान डॉ. रतीश नायर और संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से “अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना प्लास्टिक मुक्त परिसर” अभियान की शुरुआत की. इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की आत्मा हैं और उनके बिना बेहतर स्वास्थ्य सेवा की कल्पना नहीं की जा सकती।
इस अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. ब्रिगेडियर डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अनुप कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डॉ. रुचि सिन्हा तथा उपनिदेशक प्रशासन निलोत्पल बल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रो. ब्रिगेडियर डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्यकर्मी नहीं बल्कि मरीजों के लिए आशा, विश्वास और संवेदना का मजबूत आधार होती हैं. उन्होंने कहा कि सशक्त नर्सिंग व्यवस्था ही भविष्य की मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव है। यह कार्यक्रम संस्थान में आयोजित “नर्स सप्ताह” समारोह का समापन भी था. 4 मई से 10 मई तक आयोजित खेल सप्ताह के दौरान कर्मचारियों के बीच उत्साह और टीम भावना देखने को मिली। वहीं 9 मई को आयोजित रक्तदान शिविर में 65 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया. संस्थान ने इसे समाज के प्रति अपनी सेवा भावना और मानवीय जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
