पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज बक्सर जिले के बड़का ढाकाइच गांव में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनसंघ एवं भाजपा के संस्थापक सदस्य और बिहार के पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया।
उन्होंने कैलाशपति मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संगठन और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहा। वे एक महामानव थे, जिन्होंने अपना सर्वस्व संगठन को मजबूत बनाने और उसे गांव-गांव तक पहुंचाने में लगा दिया।
इस सभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधायक संजीव चौरसिया, आनंद मिश्रा, संतोष निराला, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय, धनराज शर्मा, संतोष पाठक, पूर्व विधायक दिलमनी देवी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बक्सर की भूमि महर्षि विश्वामित्र, भगवान राम और लक्ष्मण की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा तथा स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मभूमि रही है। इसी पावन धरती पर कैलाशपति मिश्र अपने ननिहाल आया करते थे। उन्होंने बड़का ढाकाइच की मिट्टी को नमन करते हुए कहा कि कैलाशपति मिश्र ने असंख्य कार्यकर्ताओं को गढ़ा और संगठन को वटवृक्ष के रूप में स्थापित किया। वे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे तथा जनसंघ और भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। बिहार सरकार में वित्त मंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किए।
उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र का मानना था कि समाज की एकता और आपसी सौहार्द ही राष्ट्र की मजबूती का आधार है। उनकी सोच थी कि गरीबी किसी जाति को देखकर नहीं आती और आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्येक व्यक्ति को न्याय तथा बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया। यह फैसला गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने वाला ऐतिहासिक कदम है।
सरावगी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हजारों बच्चों को इस आरक्षण के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश मिला है। उन्होंने एक महिला का उदाहरण देते हुए बताया कि उसके दोनों बच्चों का सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ईडब्ल्यूएस आरक्षण के कारण संभव हुआ। यह कैलाशपति मिश्र के सामाजिक न्याय और अंत्योदय के विचारों की सार्थकता को दर्शाता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार सरकार ने कैलाशपति मिश्र की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की घोषणा की है। सरकार के मंत्रिमंडल ने इस निर्णय को स्वीकृति दे दी है और अक्टूबर 2027 से उनकी जयंती राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी। उन्होंने कैलाशपति मिश्र स्मृति परिषद की मांगों पर कहा कि वे इन मांगों को पूरा कराने के लिए प्रयास करेंगे। उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी इसमें शामिल है।
सरावगी ने कहा कि कैलाशपति मिश्र ने भारत माता को विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने का संकल्प लिया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बिहार में सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ने के संकल्प को भी दोहराया। अंत में उन्होंने कैलाशपति मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
इससे पहले पटना से बक्सर जाने के क्रम में भाजपा जिला कार्यालय, भोजपुर पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का जिलाध्यक्ष दुर्गा राज, विधायक महेश पासवान, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विभु जैन सहित पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर बिहार भाजपा के भीष्म पितामह श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
