नई दिल्ली, (न्यूज़ क्राइम 24) 1984 के सिख विरोधी नरसंहार के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और उनके साथ हुए अन्याय को याद करने के उद्देश्य से 1 नवंबर को दिल्ली में पदयात्रा निकाली गई। इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा सहित दिल्ली के विभिन्न इलाकों से आए नागरिकों ने भाग लिया।

पदयात्रा के दौरान नरसंहार में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि 1984 की घटनाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहनी चाहिए।
इस अवसर पर कांग्रेस और गांधी परिवार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उस दौर में सिख समुदाय के साथ हुए अन्याय के लिए पर्याप्त जवाबदेही नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।
वक्ताओं ने 1984 के नरसंहार को देश के इतिहास का एक काला अध्याय बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्याय, जवाबदेही और सामाजिक सद्भाव जरूरी है।
आप को बता दे कि 1984 के नरसंहार में हजारों सिखों की हत्या हुई थी। इस घटना के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और जवाबदेही की मांग करते रहे हैं।
