जलपाईगुड़ी, (न्यूज़ क्राइम 24) एक ऐसा खबर आया कि कि आप को इंसानियत का एक मिशाल कर दिखाया है ये घटना उत्तर बंगाल में अपलचंद जंगल के पास गजोलडोबा बैराज के ऊपर तीस्ता नदी को पार करने की कोशिश कर रहे हाथियों के झुंड से 3-4 दिन का एक नन्हा बच्चा अलग हो गया। बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का बहाव तेज था और नन्हा हाथी करीब 4 किलोमीटर तक बह गया। हालत इतनी गंभीर थी कि पानी के ऊपर सिर्फ उसकी छोटी सी सूंड दिखाई दे रही थी और वह सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहा था।
इसी दौरान नॉर्थ बंगाल फिशरमैन फोरम से जुड़े पांच स्थानीय मछुआरों बाबलू दास, मिथुन दास, कादर दास, बिस्वनाथ और गोपाल ने उसे देख लिया। वे स्पर नंबर 12 के पास मछली पकड़ रहे थे। नन्हे हाथी को डूबते देख पांचों ने अपनी जान की परवाह किए बिना छोटी नाव से उसका पीछा शुरू किया और करीब 4 किलोमीटर तक उसे खोजते रहे।
रेस्क्यू के दौरान तीन मछुआरे तेज धारा में खुद पानी के अंदर कूद गए। उन्होंने किसी तरह नन्हे हाथी को नाव तक खींचकर ऊपर पहुंचाया। इसके बाद तेज धारा में तैरते हुए नाव को किनारे तक लाने में भी मदद की। उनकी बहादुरी से आखिरकार नन्हे हाथी की जान बच गई। एक मासूम जान को बचाने के लिए इन पांचों मछुआरों ने जिस तरह अपनी जिंदगी जोखिम में डाली ये एक मानवता की परिचय दिए जो इस तरह की कार्य से से एक संदेश और लोगों की सीख लेना चाहिए़ कि आज भी इंसानियत की संसार में कमी नहीं है।जो आज इन्होंने कर दिखाया है।
