पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्वविद्यालय में छात्रों की दस सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्र प्रिंस राज की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया।
एआईएसएफ कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय मुख्यालय को बाधित किया और कुलपति आवास का घंटों घेराव किया। संगठन की ओर से कहा गया कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और भूख हड़ताल पर बैठे किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ी, तो वे कुलपति आवास में प्रवेश कर वार्ता करेंगे।
एआईएसएफ की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित कर आगे की रणनीति की जानकारी दी गई। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता है तो विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल तक ठप किया जाएगा। साथ ही राजभवन मार्च और बिहार के अन्य विश्वविद्यालयों में भी आंदोलन को विस्तार देने की चेतावनी दी गई।
एआईएसएफ पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को बंद कर निजी हाथों में सौंपने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार फीस वृद्धि से गरीब तबके के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा मुश्किल हो जाएगी। उन्होंने कुलपति पर छात्रों और कर्मचारियों से संवाद नहीं करने का भी आरोप लगाया।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र बिट्टू ने विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में गिरावट और अधिकारियों तथा छात्रों के बीच संवाद की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों को विभिन्न सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है और मांगें नहीं मानी गईं तो राजभवन मार्च किया जाएगा।
भूख हड़ताल को समर्थन देने पहुंचीं पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ की महासचिव खुशी तिवारी ने कुलपति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि छात्र प्रतिनिधियों से संवाद नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी और मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो छात्रसंघ छात्रों के साथ आंदोलन करेगा।
एआईएसएफ की प्रमुख दस मांगें
- पटना विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रम में हुई फीस वृद्धि वापस ली जाए।
- पीजी एडमिशन में विश्वविद्यालय कोटा पुनः बहाल किया जाए।
- सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 खोला जाए।
- सभी छात्रों के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराया जाए और जर्जर छात्रावासों की स्थिति दुरुस्त की जाए।
- मगध महिला कॉलेज के सामने छात्राओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए।
- साइंस कॉलेज के जर्जर हो रहे लैब उपकरणों को अपडेट किया जाए।
- मगध महिला कॉलेज समेत सभी कॉलेजों में 24×7 एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
- कुलपति को बर्खास्त किया जाए।
- कला एवं शिल्प महाविद्यालय में MFA की पढ़ाई शुरू की जाए।
- पटना विश्वविद्यालय में पेपर लीक से प्रभावित परीक्षा की पुनः परीक्षा कराई जाए।
एआईएसएफ ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन ने आगे आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
