बिहार

पोषण के सहारे टीबी से जंग : पूर्णिया में 52 रोगियों को सिविल सर्जन ने वितरित किया पोषण आहार

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में पूर्णिया जिले में एक सराहनीय पहल की गई। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार जिला यक्ष्मा केंद्र, पूर्णिया में उपचाररत 52 टीबी रोगियों के बीच पोषण आहार से युक्त खाद्य सामग्री की टोकरी वितरित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. तनवीर हैदर ने किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन, पूर्णिया डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने टीबी रोगियों के बीच स्वयं पोषण आहार का वितरण किया और उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की स्थिति के संबंध में जानकारी ली।

टीबी के उपचार में दवा के साथ पर्याप्त पोषण भी बेहद जरूरी है : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि टीबी के उपचार में दवा के साथ पर्याप्त पोषण भी बेहद जरूरी है। पौष्टिक भोजन रोगियों को कमजोरी से उबरने और उपचार के दौरान शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने रोगियों को नियमित रूप से दवा लेने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा, उचित पोषण और स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन से टीबी को हराया जा सकता है। उन्होंने रोगियों से उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में दवा बीच में नहीं छोड़ने की अपील की।

निजी संस्थानों की सहभागिता बनी मिसाल :

टीबी रोगियों के लिए पोषण आहार उपलब्ध कराने में एम.एम. न्यूरो अस्पताल एवं एशियन अस्पताल, लाइन बाजार पूर्णिया ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस सहयोग को टीबी उन्मूलन के अभियान में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की सकारात्मक एवं सामाजिक जिम्मेदारी के उदाहरण के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में रोगियों को टीबी से संबंधित आवश्यक जानकारी देते हुए नियमित उपचार, पौष्टिक भोजन एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही परिवार के सदस्यों से भी टीबी रोगियों को उपचार पूरा करने में सहयोग एवं प्रोत्साहन देने की अपील की गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम रही सक्रिय :

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला टीबी केंद्र पूर्णिया के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार, डीपीएस राजेश शर्मा, स्वास्थ्य कर्मी तपन मिश्रा, राजनाथ झा, प्रिया सिंह, प्रशांत कुमार, बिनोद कुमार, रजिना मुर्मू, डब्ल्यूएचपी टीम के संजय कुमार, केएचपीटी के जिला प्रमुख एम.डी. मासूम रजा, साक्षी गुप्ता, चंदन कुमार, निशांत कुमार, शिवम कुमार एवं मनेंद्र कुमार सहित राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में टीबी रोगियों को भरोसा दिलाया गया कि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में दवा के साथ पोषण, जागरूकता और सामुदायिक सहयोग भी महत्वपूर्ण हथियार हैं। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पूर्णिया को टीबी मुक्त बनाने और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्यरत है।

Related posts

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, प्रतियोगिताओं में जीते पुरस्कार

बीआईटी मेसरा पटना परिसर में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन, 30 से अधिक टीमों ने दिखाए नवाचार

जानीपुर में ट्रक चालक से लूट का चार घंटे में खुलासा, 45 हजार रुपये बरामद!

error: