फुलवारीशरीफ, अजीत। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा के पटना परिसर में 7 और 8 सितंबर को दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन किया गया. इसमें 30 से अधिक विद्यार्थी टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वास्तविक जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए अपने नवीन तकनीकी विचार और मॉडल प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और तकनीक के माध्यम से समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देना था. शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ के नेतृत्व में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित यह पहल विद्यार्थियों को वास्तविक चुनौतियों की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर देती है।
दो दिनों के दौरान प्रतिभागी टीमों ने निर्धारित समस्याओं का अध्ययन करने के बाद समाधान की रूपरेखा तैयार की और उसके आधार पर प्रारूप तथा तकनीकी मॉडल विकसित किए. इसके बाद टीमों ने निर्णायकों के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत किए. इस दौरान विद्यार्थियों ने तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक सोच, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और समस्या समाधान का प्रदर्शन किया।
प्रस्तुत परियोजनाओं का मूल्यांकन उनकी नवीनता, तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता, विस्तार की संभावना और समाज पर संभावित प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया. विद्यार्थियों को विशेषज्ञों और संकाय सदस्यों से मिले सुझावों के माध्यम से अपने समाधानों में सुधार करने का अवसर भी मिला।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. डी.के. मल्लिक के मार्गदर्शन में किया गया. आयोजन के समन्वय और सुचारु संचालन में कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही. सलाहकार संकाय सदस्यों डॉ. रितेश कुमार बढ़ई, डॉ. प्रियदर्शी सूरज, डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी, डॉ. श्वेता और डॉ. के.पी. तिवारी ने प्रतिभागी टीमों को मार्गदर्शन दिया तथा परियोजनाओं के मूल्यांकन और आयोजन के संचालन में सहयोग किया।
हैकाथॉन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल रहा. विभिन्न टीमों ने अपने विचारों की तकनीकी कार्यप्रणाली, व्यावहारिक उपयोगिता और संभावित प्रभाव को निर्णायकों के सामने विस्तार से रखा। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया. प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों के सदस्यों को मेडल प्रदान किए गए. संस्थान के अनुसार, इस आयोजन से विद्यार्थियों को अपने अकादमिक ज्ञान को वास्तविक समस्याओं के समाधान में प्रयोग करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का व्यावहारिक अनुभव मिला। बीआईटी मेसरा के पटना परिसर में आयोजित हैकाथॉन ने विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक समस्याओं के समाधान की भावना को बढ़ावा देने के साथ तकनीक आधारित शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
