बिहार

पुनपुन का पानी उतरने लगा, पटना-गया रेल सेवा बहाल होते ही घर लौटने लगे बाढ़ पीड़ित

फुलवारीशरीफ, अजीत। करीब दस दिनों तक उफान पर रहने के बाद पुनपुन नदी के जलस्तर में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई. पानी घटने के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है. पुनपुन बाजार से बाढ़ का पानी निकल गया है, जबकि नदी घाट और आसपास के कई इलाकों में भी पानी पीछे हटने लगा है. हालांकि निचले इलाकों की कई पंचायतें अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार मंगलवार शाम पांच बजे पुनपुन नदी का जलस्तर 53.48 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार शाम पांच बजे घटकर 53 मीटर रह गया. यानी एक दिन में जलस्तर में करीब 48 सेंटीमीटर की कमी आई है. इसके बावजूद नदी का पानी खतरे के निशान 50.60 मीटर से अभी करीब 2.40 मीटर ऊपर है. विभाग के मुताबिक पुनपुन नदी का तटबंध सुरक्षित है और किसी स्थान से तटबंध पर दबाव या क्षति की सूचना नहीं है।

पानी कम होने का असर पुनपुन बाजार में भी साफ नजर आया. करीब छह दिनों से जलजमाव की परेशानी झेल रहे दुकानदारों को बुधवार को राहत मिली और बाजार की सड़कों से पानी निकल गया. पुनपुन नदी घाट की सीढ़ियां भी पानी से बाहर आने लगी हैं. लक्ष्मण झूला के आसपास भी जलस्तर नीचे गया है. दूसरी ओर बरावां, लखना पूर्वी तथा लखना उत्तरी-पश्चिमी पंचायत के कई निचले हिस्से अभी भी पानी से घिरे हैं. प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी बुधवार को जारी रही।

इधर, पानी घटने के साथ राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है. कई परिवार अपने सामान के साथ घरों की ओर लौट गए हैं. कुछ स्थानों पर सामुदायिक रसोई बंद कर दी गई है और राहत शिविरों को समेटने की तैयारी शुरू हो गई है।

पुनपुन सुरक्षा बांध के समीप धनुकी कैंप में भी देर रात तक कुछ ही लोग रह गए थे. बाद में वे भी अपने घर चले गए. कैंप में भोजन तैयार था, लेकिन टेंट खाली पड़ा था. राहतकर्मी और स्थानीय लोग टेंट, बर्तन और अन्य सामान हटाने में जुटे थे. बांग्ला पर सकरौंचा पंचायत के मुखिया मंटू यादव और परसा बाजार थाना पुलिस की टीम इलाके में लगातार मौजूद रही और देर रात तक स्थिति पर नजर रखी।

बाढ़ का असर कम होते ही बांग्ला पर स्थित शिव मंदिर परिसर भी पानी से बाहर आने लगा है. एक दिन पहले तक जलमग्न रहा मंदिर परिसर अब काफी हद तक दिखाई देने लगा है. जहां श्रद्धालु बैठकर भजन-कीर्तन करते थे, वहां भी पानी कम होने के बाद लोगों के बैठने की स्थिति बनने लगी है।

पटना-गया रेलखंड पर लौटी रफ्तार-

पुनपुन नदी का पानी घटने का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है. कई दिनों के बाद पटना-गया रेलखंड पर सवारी ट्रेन का परिचालन फिर शुरू हुआ. मंगलवार शाम 6 बजकर 54 मिनट पर गया से पटना जाने वाली सवारी गाड़ी पुनपुन नदी पर बने रेल पुल से गुजरी. ट्रेन के दोबारा परिचालन से पुनपुन और आसपास के यात्रियों में राहत और खुशी का माहौल रहा. पानी कम होने और रेल ट्रैक को सुरक्षित पाए जाने के बाद परिचालन बहाल किया गया है।

हालांकि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से ऊपर है. ऐसे में प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि जलस्तर में गिरावट का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही बाढ़ की परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

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