बिहार

नदियों के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जिलाधिकारी ने 24 घंटे तटबंध निगरानी एवं सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पड़ोसी राज्यों में अत्यधिक वर्षा तथा बाणसागर बराज एवं इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण पटना से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर सभी संबंधित पदाधिकारियों को सजग एवं सतर्क रहने तथा आवश्यक तैयारियाँ पूरी रखने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी ने सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल , खगौल; गंगा-सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, दीघा; पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल , अनीसाबाद; पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल , पटना सिटी तथा बाढ़ नियंत्रण प्रखंड, बख्तियारपुर के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि ईसी बैग, नाइलन क्रेट, ट्रैक्टर, जेनरेटर सहित अन्य फ्लड फाइटिंग मटेरियल संवेदनशील तटबंधों के समीप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें। आवश्यकता पड़ने पर इनका तत्काल उपयोग सुनिश्चित हो, इसके लिए 24 घंटे मजदूरों की व्यवस्था भी रखने को कहा गया। सभी संवेदनशील तटबंधों की अनवरत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निचले एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए पूर्व से कार्ययोजना तैयार रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लोगों के निष्कासन के लिए केवल सुरक्षित नाव एवं एसडीआरएफ की नावों का उपयोग किया जाए।

शरणस्थलों में आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश

संभावित प्रभावित लोगों के लिए चिन्हित शरणस्थलों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश, भोजन एवं दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया। शरणस्थलों पर कम्युनिटी किचन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक शरणस्थल के समीप मेडिकल कैंप स्थापित करने को कहा गया। मेडिकल कैंप में जीवनरक्षक दवाओं के साथ सर्पदंश एवं कुत्ते के काटने से संबंधित आवश्यक दवाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शरणस्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले से सुनिश्चित करने को कहा।

नावों के संचालन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन

सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नदियों में छोटी नाव अथवा डेंगी का परिचालन नहीं हो। केवल सुरक्षित नावों का ही उपयोग किया जाए। नाव पर स्पष्ट रूप से “जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क व्यवस्था” अंकित हो तथा उस पर उपलब्ध जीवनरक्षक सामग्री और नाव की निर्धारित क्षमता भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए।

पशुओं के लिए भी रहे समुचित व्यवस्था

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपयुक्त स्थानों पर पशु शिविर, पशु चारा एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने को कहा गया, ताकि बाढ़ की स्थिति में पशुधन की सुरक्षा एवं देखभाल में कोई कठिनाई न हो।

जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डलो के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार फ्लड फाइटिंग मटेरियल की मात्रा बढ़ाई जा सकती है, लेकिन बाढ़ बचाव कार्य के दौरान किसी भी संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रखंड स्तर के वरीय पदाधिकारियों को भी पूरी तरह सजग एवं सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया।

जिला एवं प्रखंड स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय

आपदा की स्थिति में समन्वय एवं सूचना संग्रहण के लिए जिला स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष क्रियाशील है। आवश्यक सूचना के लिए दूरभाष संख्या 0612-2210118 एवं मोबाइल नंबर 8235449748 पर संपर्क किया जा सकता है। सभी संबंधित प्रखंडों में भी प्रखंडस्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित एवं क्रियाशील रखने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त ने किया गेट नम्बर 93 के पास गंगा नदी क्षेत्र का निरीक्षण

गंगा नदी में जलस्तर की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार एवं नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने गेट नंबर तिरानवे के समीप गंगा नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंता को जल स्तर में और वृद्धि की स्थिति में बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। कार्यपालक अभियंता ने जिलाधिकारी को बताया कि शहर में गंगा नदी के जल के प्रवेश से बचाव के लिय PTP (patna town protection ) वाल 93 गेट पर Highest flood level से 77 cm ऊँचा है, जिसके ऊपर अतिरिक्त 2 फ़ीट wooden protection लगाए जाने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएँ नहीं। जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। जिला प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद एवं तैयार है।

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