बिहार

राखी के धागे में बंधा भाई-बहन का अटूट प्यार, रक्षाबंधन पर भावनाओं से सराबोर हुआ माहौल

अररिया, रंजीत ठाकुर। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। राखी के नन्हे से धागे में स्नेह, सुरक्षा और जीवनभर साथ निभाने का वादा बंधा होता है। इस खास मौके पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लिया।

सुबह से ही घर-घर में रक्षाबंधन की तैयारियां देखने को मिलीं। बहनों ने पूजा की थाली सजाई, भाई के माथे पर तिलक लगाया और आरती उतारकर राखी बांधी। राखी बंधते ही भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। कई परिवारों में दूर रहने वाले भाई-बहन भी इस पर्व पर एक-दूसरे से मिलने पहुंचे, जिससे लंबे समय बाद घरों में खुशियों की रौनक लौट आई। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि उन भावनाओं को फिर से महसूस करने का अवसर है

जो बचपन की नोकझोंक से लेकर जीवन के हर उतार-चढ़ाव तक भाई-बहन को एक-दूसरे से जोड़े रखती हैं। बचपन की छोटी-छोटी लड़ाइयां, साथ बिताए पल और एक-दूसरे की चिंता इस दिन यादों को और भी खास बना देती हैं। राखी का धागा भले ही बेहद छोटा हो, लेकिन इसमें छिपा प्यार और विश्वास जीवनभर के रिश्ते को मजबूत बनाए रखता है। यही वजह है कि रक्षाबंधन हर भाई-बहन के लिए सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि भावनाओं का वह खूबसूरत दिन है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है।

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