बिहार

स्टार्टअप के लिए पटना में तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) युवाओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता के प्रति प्रेरित करने, उनकी नवाचार क्षमता को प्रोत्साहित करने तथा पटना में स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पटना द्वारा यूथ कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत स्टार्टअप पटना’ विषय पर उद्यमियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 100 से अधिक उद्यमियों एवं युवाओं ने भाग लिया। जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने स्टार्टअप के क्षेत्र में अपने अनुभवों को उद्यमियों के साथ साझा किया एवं इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते बताये.उन्होंने कहा कि जो देश स्टार्टअप में आगे है वही संमृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि गाँवो में भी स्टार्टअप के क्षेत्र में बेहतरीन काम हो रहे हैं. सरकार ऐसे लोगों की मदद के लिए तत्पर है.

कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक स्टार्टअप संचालित कर रहे उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा अपने स्टार्टअप का प्रदर्शन एवं प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि नई सोच, नवीन तकनीक और नवाचार के माध्यम से जटिल कार्यों को सरल बनाया जा सकता है, कम लागत में बेहतर सेवाएं विकसित की जा सकती हैं तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों के सफल स्टार्टअप्स ने प्रस्तुत किए अपने नवाचार

कार्यशाला में साजिया कैसर ने रिवाइवल शू लौंउड्री प्राइवेट लिमिटेड नाम के अपने स्टार्टअप को प्रस्तुत किया । यह बिहार में अपनी तरह की अभिनव शू लॉन्ड्री है, जहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से जूतों की सफाई एवं रिपेयरिंग के साथ-साथ बैग की सफाई एवं नवीनीकरण का कार्य किया जाता है।

साउथ कोरिया से बिहार आकर स्टार्टअप शुरू करने वाले विभूति विक्रमादित्य ने स्मार्टवे इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बारे में जानकारी दी, जो मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा ICU मरीजों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार से उन्हें काफ़ी मदद मिली.

साधना झा ने अंकुरम रोबो प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से रोबोटिक्स 3D प्रिंटिंग एवं इससे जुड़ी नवीन तकनीक पर आधारित अपने स्टार्टअप की जानकारी साझा की। 25 लाख से शुरू किये गए इनके व्यवसाय से सालाना आय अब 1.10 करोड़ हो गया है।

मनीष दीक्षित ने वेमानिका ऐरोस्पेस* के माध्यम से एयरोस्पेस एवं ड्रोन इंजीनियरिंग, सर्विलांस, वीडियो सर्विलांस, वीडियोग्राफी तथा संचार के क्षेत्र से जुड़े अपने स्टार्टअप की प्रस्तुति दी।उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने मात्र 2महीने के अंदर उन्हें स्टार्टअप फण्ड उपलब्ध कराया. 2022 से शुरू इनका स्टार्टअप 22राज्यों में पहुंच चुका है. इस वर्ष 52 करोड़ रेवेन्यू आया है.

शुभम शशांक ने क्लाउड स्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के अभिनव स्टार्टअप के बारे में बताया, जिसमें एक किट के माध्यम से 180 ब्लड टेस्ट किए जाने की सुविधा विकसित की गई है।2020 में 22लाख से शुरू इस वर्ष 53 करोड़ पर पहुंच गया है.

मनीष सिंह ने बृहत्ती नेचुरल फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत अपने स्टार्टअप की जानकारी दी। इसके अंतर्गत ब्लू टी, ग्रीन टी, विभिन्न प्रकार के बीज, मखाना, खीर सहित अन्य प्राकृतिक एवं कृषि आधारित उत्पादों पर कार्य किया जा रहा है।

डॉ. अजय ने कोग्नोस्मेड लबोरटोरीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से हेल्थकेयर एवं विभिन्न प्रकार की टेस्टिंग सेवाओं के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसमें स्वास्थ्य संबंधी जांच के साथ-साथ वाटर टेस्टिंग, फूड टेस्टिंग एवं आयुष मेडिसिन टेस्टिंग आदि शामिल हैं।

बिहटा प्रखंड के परेव गावं की जीविका दीदी संजू देवी ने बताया की जीविका के सहयोग से लोन लेकर बर्तन बनाने का काम शुरू की. 6000 महीना कमाने वाला उनका परिवार अब 5से 6 लाख महीना कमा रहा है। इनके अलावे कई अन्य उद्यमियों ने भी अपने स्टार्टअप की यात्रा को रखा एवं सरकार तथा जिला प्रशासन के इस पहल की प्रशंसा की

जिलाधिकारी ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा-

कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए इस क्षेत्र में अपने अनुभव भी बताये एवं कहा कि जिला प्रशासन नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी किसी विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) अथवा अन्य प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होगी, जिला प्रशासन उनकी सहायता के लिए तत्पर रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नई सोच की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें उचित मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग का वातावरण मिले। *‘स्टार्टअप पटना’ का उद्देश्य पटना में ऐसा मजबूत एवं सहयोगात्मक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवा अपने अभिनव विचारों को व्यावहारिक रूप देकर सफल उद्यम में परिवर्तित कर सकें।

उद्यमियों ने जिलाधिकारी के इस पहल को सराहा-

कार्यशाला में शामिल उद्यमियों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सफल उद्यमियों से सीखने, अनुभव साझा करने और नए विचारों पर काम करने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मिलने वाले सहयोग और मार्गदर्शन से बिहार में स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।

सफल उद्यमियों ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। जब प्रशासन और सरकार का सहयोग एवं मार्गदर्शन मिल रहा है , तो नए विचारों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं से रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

जिला प्रशासन, पटना का यूथ कनेक्ट कार्यक्रम युवाओं की नवाचार क्षमता को मंच प्रदान करने, सफल उद्यमियों से संवाद का अवसर उपलब्ध कराने तथा पटना में एक सशक्त एवं जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा

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